आदिवासी एकता महाजुटान रैली आगामी 30 अगस्त को, परिसीमन बनेगा मुख्य मुद्दा

 


रांची, 02 अगस्त (हि.स.)। लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन तथा आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर आगामी 30 अगस्त को मोराबादी मैदान में आयोजित होने वाली आदिवासी एकता महाजुटान रैली की तैयारियों को लेकर रविवार को मोराबादी स्थित पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के आवास पर राज्यस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए आदिवासी समाज, सामाजिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष नौ अगस्त 2026 को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य विषय परिसीमन एवं आदिवासी राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा होगा। इस विषय पर पूरे राज्य में व्यापक जनजागरण अभियान चलाकर समाज को परिसीमन के संभावित प्रभावों तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में यह भी तय किया गया कि 30 अगस्त की महाजुटान रैली में झारखंड के सभी 24 जिलों से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज, पारंपरिक ग्राम प्रधान, छात्र-युवा, महिला संगठन, बुद्धिजीवी एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। आयोजन समिति ने इसे आदिवासी अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए ऐतिहासिक जनसमागम बनाने का संकल्प लिया।

रैली की तैयारियों के तहत छह से 18 अगस्त तक राज्यव्यापी जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत गढ़वा और पलामू से होगी, जिसमें पूर्व मंत्री बंधु तिर्की शामिल रहेंगे। बैठक में रैली की रूपरेखा, जिला संयोजकों एवं प्रवक्ताओं की नियुक्ति सहित आगामी कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में मुख्य रूप से बंधु तिर्की, दयामनी बारला, रमा खलखो, शशि पन्ना सहित विभिन्न जिलों के कई प्रतिनिधि मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar