आदिवासी अधिकार मंच के कार्यकर्ता दिल्ली रवाना

 


रांची, 04 सितंबर (हि.स.)। आदिवासी अधिकार मंच, झारखंड के कई कार्यकर्ता राष्ट्रीय संघर्ष सम्मेलन और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को दिल्ली रवाना हुए। रांची, गुमला, लोहरदगा, दुमका, पाकुड़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस और गरीब रथ ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।

झारखंड के राज्य अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि छह सितंबर 2026 को नई दिल्ली के जीवी मावलंकर हॉल में आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच की ओर से राष्ट्रीय संघर्ष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन सात सितंबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होगा। दोनों कार्यक्रमों में आदिवासी अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन और प्रदर्शन में वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, विस्थापन की समस्या, आदिवासियों के रोजगार और शिक्षा, पहचान और संस्कृति की रक्षा एवं भाषा और आस्थाओं के संरक्षण की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 को वापस लेने की मांग भी की जाएगी।

जत्थों का नेतृत्व आदिवासी अधिकार मंच, झारखंड के राज्य अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा, राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा, राष्ट्रीय समन्वय समिति के सदस्य प्रकाश टोप्पो और देवी सिंह पहाड़िया सहित अन्य पदाधिकारी कर रहे हैं।

दिल्ली रवाना होनेवालों में मुख्य रूप से गोपीन सोरेन, दिनेश्वर देहरी, अमित मुंडा, गणपति भोगता, सुखराम बेदिया, निर्मल सिंकू, मोहन उरांव, प्रेम तिर्की, अमित कच्छप, अनिमा तिर्की और रिका मुंडा मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar