आदिवासी अधिकारों पर राष्ट्रीय संघर्ष सम्मेलन छह को
रांची, 03 सितंबर (हि.स.)। आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच की ओर से आदिवासी समुदाय के ज्वलंत मुद्दों को लेकर आगामी छह सितंबर 2026 को नई दिल्ली के जीवी मावलंकर हॉल में राष्ट्रीय संघर्ष सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन सात सितंबर को इन्हीं मुद्दों और खान एवं खनिज संशोधन विधेयक-2026 के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा ने बताया कि झारखंड से राज्य अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा और उनके नेतृत्व में सैकड़ों प्रतिनिधि चार सितंबर को विभिन्न ट्रेनों से दिल्ली रवाना होंगे। सम्मेलन में संघर्ष की आगे की रूपरेखा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में झारखंड सहित पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि शामिल होंगे।
सम्मेलन में वनाधिकार एवं विस्थापन, रोजगार में आदिवासियों का बहिष्करण और भेदभाव, शिक्षा के अधिकारों का क्षरण एवं आदिवासी पहचान, संस्कृति, भाषा और आस्थाओं की रक्षा प्रमुख मुद्दे होंगे।
सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी के स्वागत भाषण से होगा, जबकि उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर करेंगे। राष्ट्रीय संयोजक एवं पूर्व सांसद डॉ. पुलिन बिहारी बास्के विषय प्रवेश कराएंगे। चारों मुद्दों पर रिपोर्ट प्रस्तुत कर चर्चा के बाद आगामी संघर्ष की रणनीति तैयार की जाएगी।
समापन वक्तव्य मंच की उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद वृंंदा करात देंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar