पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ 11 अक्टूबर से, 13 को पूर्णाहुति

 




हजारीबाग, 10 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर बाबूगांव, कोर्रा स्थित गायत्री प्रज्ञा मंडल परिसर में रविवार को कलश शोभायात्रा के साथ तीन दिवसीय पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ होगा।

मां गायत्री की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित इस महायज्ञ में देव पूजन, गायत्री महामंत्र जप, हवन, दीप महायज्ञ, भजन और प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। कार्यक्रम का समापन 13 अक्टूबर को पूर्णाहुति के साथ होगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रज्ञा मंडल के जयंत किशोर गुप्ता ने बताया कि परिसर में जरूरतमंद परिवारों के लिए बिना किसी खर्च के शादी-विवाह सहित अन्य संस्कार संपन्न कराने की व्यवस्था भी की गई है। इस तरह के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य धार्मिक संस्कारों को सरल बनाना और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत देना है।

उन्होंने बताया गया है कि महायज्ञ की शुरूआत के साथ ही सुबह 8:30 बजे कलश स्थापना की जाएगी, जबकि शाम छह बजे प्रज्ञा पुराण की कथा होगी। 12 अक्टूबर 2026 को सुबह छह बजे से गायत्री महामंत्र का जप और सुबह आठ बजे से देव पूजन यज्ञ होगा। शाम छह बजे प्रज्ञा पुराण की कथा एवं दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। वहीं 13 अक्टूबर 2026 को सुबह पांच बजे से गायत्री महामंत्र जप के साथ मां गायत्री की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद हवन यज्ञ और विभिन्न संस्कार संपन्न कराए जाएंगे। पूर्णाहुति के साथ तीन दिवसीय महायज्ञ का समापन होगा।

कलश शोभायात्रा शिव मंदिर, बाबूगांव से शुरू होकर देवी मंडप बाबूगांव, देवगाना दुर्गा मंदिर, सार्वजनिक दुर्गा मंदिर, जबरा शिव मंदिर और जबरा डैम होते हुए गायत्री प्रज्ञा मंडल, कोर्रा पहुंचेगी। आयोजक मंडल ने श्रद्धालुओं से शोभायात्रा और महायज्ञ में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar