ब्रह्मांड के नायक भगवान होते हैं भक्त के अधीन : जगद्गुरु रामानुजाचार्य

 


रांची 02 जनवरी (हि.स.)। श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में धनुर्मास पर्यंत वैकुंठ एकादशी महोत्सव के उपलक्ष्य पर श्रीधाम वृंदावन से पहुंचे जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज शुक्रवार को वृंदावन के लिये रवाना हुए।

इसके पूर्व जगतगुरु श्रीस्वामीजी भगवान वैकुण्ठाधिपति श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर के महाभिषेक का दर्शन किया। महाराजश्री के हाथों ही संकल्पपूर्वक महाभिषेक का शुभारंभ हुआ।

भगवान को दूध, दधि, हल्दी, चंदन, शहद केसरयुक्त जल, डाभयुक्त जल और गंगाजल जैसे कई औषधीय द्रव्यों से महास्नान कराया गया। इसके बाद भगवान का श्रृंगार-अलंकार समर्पण करके नक्षत्र, कुंभ और कपूर से महाआरती की गई। फिर पोंगल, खीर, चटनी, फल और मेवा का बालभोग निवेदन हुआ। यह सभी अनुष्ठान जगद्गुरु श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।

अर्चावतार है भगवान का सबसे सुलभ अवतार

इसके बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि

भगवान सर्वज्ञ हैं। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य का भाग्योदय होता है तो वह मंदिर जाकर भगवान के अर्चावतार का दर्शन करता है। अर्चावतार भगवान का सबसे सुलभ अवतार है। उन्होंने कहा कि जो भगवान अनंत कोटि ब्रह्मांडों के नायक हैं। वे भगवान भक्ता के अधीन हो जाते हैं। भक्त जैसे भोग लगाते हैं उसे भगवान पा लेते हैं। भक्त भगवान को ठंड से बचाने के लिए औषधि का भोग लगाते हैं। गर्म वस्त्र धारण करवाते हैं और समय से स्नान कराते हैं।

अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने कहा कि जगत के कल्याण के लिए भगवान दुनिया के अधीन होकर रहते हैं। गोदम्बाजी ने आलवार संतों के माध्यम से जीव - जगत को जीवन प्रदान किया है। आत्मा-परमात्मा का यथार्थ ज्ञान करवाया है। जीवात्मा भगवान के परतंत्र है। स्वयं को स्वतंत्र मानने से जीव का पतन हो जाता है।

इसके बाद महाराजश्री के साथ उनके सहयोगी गोविंद दास और अन्य आचार्यों को मंत्रोंच्चार कर माल्यार्पण करके विदायी की गयी।

महाभिषेक के यजमान संजय चौधरी, सुनीता चौधरी थे। मंदिर के पुजारी सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने मंत्रों के साथ अनुष्ठानों को विधिवत्त संपन्न कराया।

मौके पर मंदिर संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राम अवतार नरसरिया, अनूप अग्रवाल, किशन नरसरिया, गौरी शंकर साबू, मंजू लता साबू, रंजन सिंह, प्रभात मित्तल, आनंद गिरि सहित अन्य मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak