बाबूलाल के नेतृत्व में एनडीए के नेता मिले आंदोलनरत छात्रों से, की मामले की सीबीआई से जांच की मांग

 


रांची, 04 अगस्त (हि.स.)।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडीए घटक दल के विधायकों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान भाजपा नेताओं एवं छात्रों के बीच 15 मिनट से अधिक समय तक की वार्ता हुई। बाबूलाल मरांडी छात्रों की मांगें सहित आंदोलन से जुड़े सारे पहलुओं से अवगत हुए।

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में जिस प्रकार गड़बड़ियां हुई हैं, छात्रों की मांग इन परीक्षाओं को रद्द करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की है। उन्होंने कहा कि इससे कम मांग पर छात्र मानने को कतई तैयार नहीं हैं। छात्रों की सारी मांगें बिल्कुल जायज और वाजिब हैं। भाजपा छात्रों के मुद्दे पर उनके साथ सड़क से सदन तक खड़ी है। इस मामले को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि झारखंड में पेपर लीक का मामला ही नहीं है बल्कि यहां जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से खुलेआम नौकरियां बेची गई हैं। केवल 14वीं जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी का ही मामला नहीं है बल्कि जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा सहित तमाम परीक्षा में धांधली एवं अनियमितता सामने आई है। उत्पाद सिपाही भर्ती में सवालों को तमाड़ में चुने हुए छात्रों को रटवाया गया था।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जेएसएससी ने वैसे अभ्यर्थी, जिनसे पैसा लिया था उन्हें बिहार,नेपाल और रांची में 120 प्रश्नों के उत्तर रटवाये गए थे और वे सारे सवाल हु-ब-हु पूछे गए थे।

जेपीएससी की परीक्षा के कट ऑफ मार्क्स जारी नहीं किया गया था, परिणाम पार्ट-पार्ट में निकाला गया था। जब हाइकोर्ट की डांट पड़ी तो कट ऑफ मार्क्स जारी किए गए तो यह पाया गया कि जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था उनसे कहीं अधिक मार्क्स वैसे बच्चे लाये थे जिनका चयन ही नहीं हुआ था। इसलिए अब तक पिछले 06 वर्षों में जितनी भी परीक्षायें जेपीएससी ने आयोजित किया है उन सबमें गड़बड़ी है। इसलिए इन सबकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड को करप्शन के दलदल से बचाना हम सबों का दायित्व है। छात्रों के भविष्य के साथ-साथ झारखंड के भविष्य को भी बचाने की जरूरत है। इस गड़बड़ी के माध्यम से जो लोग अफसर, बाबू बनेंगे, जो लोग आज पैसे देकर नौकरी खरीदेंगे, वो अगले 30 साल तक झारखंड में करप्शन का रायता फैलाएंगे। वे इस राज्य को लूटकर पूरी तरह खोखला कर देंगे। इस परिपाटी को खत्म करना होगा।

उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में राज्य को करप्शन से बचाना है, जेपीएससी और जेएसएससी संस्थान को भ्रष्टाचार मुक्त करना है तो इसके अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव को तुरंत बर्खास्त करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। साथ ही इन सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर इनकी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाया। बारिश के मौसम में इस विषम परिस्थिति में छात्र आंदोलन में डटे हुए हैं, ये अपना वाजिब हक-अधिकार मांग रहे हैं लेकिन झारखंड सरकार और प्रशासन ने थोड़ी भी मानवीय संवेदना नहीं दिखाई। उल्टा नियम कायदों की आड़ में छात्रों को परेशान किया गया, यह कहीं से भी उचित नहीं है।

इस दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल, मनोज यादव, नागेंद्र महतो, डॉ नीरा यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, अमित यादव, शत्रुघ्न महतो, उज्ज्वल दास, मंजू कुमारी, प्रदीप प्रसाद, पूर्णिमा साहू, आजसू विधायक निर्मल महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू सहित अन्य नेता मौजूद थेे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे