राज्यपाल ने श्री हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना, ‘श्री राम वाटिका’ सामुदायिक हॉल का किया उद्घाटन
रांची, 04 जुलाई (हि.स.)। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को रांची के महात्मा गांधी मार्ग स्थित श्री हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद राज्यपाल ने मंदिर परिसर में नवनिर्मित वातानुकूलित सामुदायिक हॉल ‘श्री राम वाटिका’ का उद्घाटन भी किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सेवा-भाव, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कारों के संवर्धन के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘श्री राम वाटिका’ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा के विविध कार्यों का एक प्रेरणादायी केंद्र बनेगी।
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी मार्ग स्थित श्री हनुमान मंदिर वर्षों से जन-आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां धार्मिक आयोजनों के अलावा समाजहित के अनेक कार्य लगातार संचालित होते रहे हैं। राज्यपाल ने इस जनोपयोगी सामुदायिक हॉल के निर्माण के लिए श्री हनुमान मंदिर समिति, पंजाबी हिंदू बिरादरी तथा सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान का जीवन सेवा, समर्पण, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि शक्ति तभी सार्थक है, जब उसमें विनम्रता हो, ज्ञान तभी श्रेष्ठ है, जब उसमें सेवा का भाव हो और जीवन तभी सफल माना जाता है, जब वह लोकमंगल के लिए समर्पित हो।
राज्यपाल ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध पंक्तियों “परहित सरिस धरम नहि भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में परोपकार और सेवा को सर्वोच्च धर्म का स्थान दिया गया है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसे धार्मिक और सामाजिक केंद्र समाज में सेवा, सहयोग, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने जीवन में सेवा, अनुशासन और संस्कारों को प्राथमिकता दें तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहेगी, तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक सशक्त, जागरूक और संस्कारित बनेंगे।
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि यही भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान के जीवन का वास्तविक संदेश है।
-----------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे