फायर ब्रिगेड की टीम ने प्रदर्शित की आग बुझाने की कला
रामगढ़, 17 अप्रैल (हि.स.)। फायर ब्रिगेड की टीम आम नागरिकों के साथ-साथ अदालत में काम करने वाले कर्मियों और न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर भी संवेदनशील हैं। शुक्रवार को फायर ब्रिगेड की टीम ने रामगढ़ कोर्ट में न्यायाधीशों के समक्ष आग बुझाने की कला का प्रदर्शन किया। व्यवहार न्यायालय परिसर में अग्नि सुरक्षा जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम ने जब कोर्ट परिसर में आग लगने पर कार्रवाई की जानकारी दी। मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम ने बाकायदा आग जलाकर मॉक ड्रिल किया। व्यवहार न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त तत्वावधान में एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मो तौफिकुल हसन के मार्गदर्शन में अग्निशमक दल ने अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला में अग्निशमक दल ने कृत्रिम आग लगाकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जिसमें विभिन्न प्रकार के आग जैसे- पेट्रोल, रसोई गैस, टायर, लकड़ी, अथवा शॉट-सर्किट से लगने वाले आग पर किस प्रकार काबू किया जा सकता है।
कार्यशाला में प्रधान जिला न्यायाधीश मो तौफिकुल हसन, जिला न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंंडाधिकारी आरती माला, सिनियर सिविल जज द्वितीय शिवेन्दु द्विवेदी, सिनियर सिविल जज चतुर्थ उत्तम सागर राणा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार रामगढ़ अनिल कुमार, अनुमण्डलीय न्यायिक दण्डाधिकारी हर्षित तिवारी के साथ व्यवहार न्यायालय के सभी तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण देने के लिए जिला फायर ऑफिसर महिन्द्र सिंह, लिडिंग फायर मैन विनोद कुमार, लिडिंग फायर मैन सकलदेव यादव, फायर मैन राजेन्द्र गोप अग्निशमक विभाग से आये थे।
प्रशिक्षण के दौरान गैस सिलेण्डर में लगी आग, पेट्रोल से लगी आग, लकड़ी में लगी आग को बुझाने के लिए अलग-अलग अग्निशमक यंत्रों का उपयोग करना सिखाया गया। साथ ही गैस सिलेण्डर में कृत्रिम आग लगाकर उसे बुझाना सिखाया गया। प्रधान जिला जज के साथ साथ न्यायिक पदाधिकारियों ने सिलेण्डर से आग बुझाने का अभ्यास किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश