झारखंड के जीआई उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहयोग करेगा चेंबर : आदित्य

 


रांची, 20 जुलाई (हि.स.)। नाबार्ड के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में झारखंड के जीआई उत्पादों को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में नाबार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। झारखंड की वास्तविक पहचान केवल खनिज संपदा नहीं, बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक शिल्प एवं जनजातीय विरासत है। उन्होंने कहा कि भागलपुरी साड़ी और फैब्रिक्स, कुचाई सिल्क, केसरिया कलाकंद, डोकरा शिल्प, जनजातीय आभूषण एवं बांस शिल्प सहित झारखंड के 11 उत्पादों को जीआई टैग मिलना पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है।

चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड चेंबर राज्य के जीआई उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। इसके लिए उत्पादों के आकर्षक पैकेजिंग एवं प्रभावी मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

ई-कॉमर्स से स्थानीय कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना जरूरी

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने नाबार्ड, झारक्राफ्ट और उद्योग विभाग को आश्वस्त किया कि झारखंड चेंबर बाजार उपलब्ध कराने,ग्रामीण उद्यमियों के मार्गदर्शन एवं अपने सदस्य प्रतिष्ठानों के माध्यम से जीआई उत्पादों को कॉरपोरेट गिफ्टिंग तथा रिटेल बाजार में बढ़ावा देने के लिए पूरा सहयोग देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वियतनाम में बांस से निर्मित फैब्रिक और अन्य उत्पादों का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है,जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को व्यापक आर्थिक लाभ मिल रहा है। झारखंड भी इस दिशा में उल्लेखनीय संभावनाएं रखता है।

कार्यक्रम में झारक्राफ्ट की प्रबंध निदेशक गरिमा सिंह,आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक रक्षा मिश्रा,नाबार्ड झारखंड की मुख्य महाप्रबंधक दीपमाला घोष, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी,बैंक प्रतिनिधि,स्वयं सहायता समूहों के सदस्य,कारीगर और उद्यमी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak