चेंबर लोगों में अभियान चलाकर अनाधिकृत निर्माणों का नियमितीकरण कराने को करे प्रेरित : सचिव
रांची, 03 जून (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मुलाकात की।
साथ ही अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण संबंधी अधिसूचना पर चर्चा की।
बुधवार को आयोजित बैठक में स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी के निदेशक सूरज कुमार भी उपस्थित थे।
प्रतिनिधिमंडल ने अनाधिकृत भवनों के नियमितीकरण संबंधी अधिसूचना पर बिंदुवार चर्चा की और ग्रामीण क्षेत्रों में योजना को प्रभावी बनाने, ऑनलाइन आवेदन को सरल बनाने, एसओपी जारी करने, रोड वाइडनिंग, बेसमेंट और लोअर ग्राउंड फ्लोर सहित कई विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किये।
विभागीय प्रधान सचिव सुनील कुमार और सूरज कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और प्रत्येक विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुझावों को व्यावहारिक बताते हुए आवश्यक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
यह योजना नागरिकों और भवन स्वामियों को राहत देने वाली
विभागीय सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से लाई गई यह योजना नागरिकों और भवन स्वामियों को राहत देने वाली पहल है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया कि वे व्यापारिक संगठनों, भवन स्वामियों और आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को आवेदन कर अनाधिकृत निर्माणों का नियमितीकरण कराने के लिए प्रेरित करें।
चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग की ओर से आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बाद यह योजना और अधिक प्रभावी ढंग से लागू होगी और हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि चेंबर की ओर से इस योजना के संबंध में व्यापारिक संगठनों, भवन स्वामियों और आम नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास किया निभाएगा ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि सुझावों को अधिसूचना में समाहित किया जाना जरूरी है ताकि योजना के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक जनहितकारी योजना है, इसलिए इसमें औपचारिकताओं को न्यूनतम रखा जाए और आवेदनों के त्वरित निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आर्किटेक्ट अतुल सराफ ने सुझाव दिया कि राज्य के अनेक जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भूखंडों पर निर्मित आवास हैं। ऐसे मामलों में भवन के प्लिंथ एरिया को आधार मानकर आवेदनों की स्वीकृति दी जानी चाहिए, जिससे अधिकाधिक लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
प्रतिनिधिमंडल में चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, आर्किटेक्ट एसोसिएशन के चेयरमैन अतुल सर्राफ, उपाध्यक्ष अपूर्व मिंज, कार्यकारिणी सदस्य आर्किटेक्ट अरुण कुमार, नितेश पॉल, गोपीकांत महतो, अपूर्व मिन्ज सहित आर्किटेक्ट एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak