बार और बेंच एक साथ मिलकर करें काम, न्याय व्यवस्था से वादी का न उठे भरोसा : जस्टिस दीपक
रामगढ़, 10 अगस्त (हि.स.)। न्याय प्रणाली व्यवस्था पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है। अगर वादी को ही तकलीफों से राहत न मिले तो बार और बेंच दोनों की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो पाएगी। यह बातें सोमवार को रामगढ़ सिविल कोर्ट पहुंचे झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक रौशन ने कही। इस मौके पर उन्होंने व्यवहार न्यायालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार और लिटिगेंट शेड का शिलान्यास किया। साथ ही व्यवहार न्यायालय के पार्किंग शेड और न्यायालय कक्ष में माइक तथा साउंड सिस्टम का उद्घाटन उनके द्वारा किया गया।
इससे पहले भी जस्टिस दीपक रौशन ने रामगढ़ सिविल कोर्ट के सौंदर्यीकरण, आधारभूत संरचनाओं, साफ-सफाई के लिए दिशा निर्देश दिया। साथ ही पक्षकारों, गवाहों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए कार्य करने के लिए दिशा निर्देश दिया। उनके निर्देश पर महिला प्रतीक्षा कक्ष सह शिशु गृह तथा व्यवहार न्यायालय में पैंट्री का भी उद्घाटन हुआ।
जस्टिस दीपक रौशन ने कहा कि किसी भी काम को पूरा करने के लिए हर पिलर को मजबूत करना होता है। रामगढ़ डीसी ऋतुराज के साथ-साथ न्यायालय के प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी की मेहनत से सफलता मिली है। लिटिगेंट, वकील और जजशिप मिलकर ही न्याय प्रणाली व्यवस्था की नींव रखते हैं।
रामगढ़ सिविल कोर्ट झारखंड का पहला जिला है, जिसके कोर्ट में साउंड सिस्टम लगा है, ताकि बहस में स्पष्टता रहे। कई बार बुजुर्ग वकील की आवाज स्पष्ट नहीं होने की वजह से वादी को उचित न्याय और सहायता नहीं मिल पाती है। जस्टिस दीपक रौशन ने कहा कि यह सारे कार्य वकीलों को प्रोत्साहित करने के लिए किए गए हैं। जजशिप और लॉयर की जिम्मेदारी लिटिगेंट की तरफ ही है। कोर्ट में तारीख पर तारीख की बात हर कोई जानता है। लेकिन आज न्यायिक प्रणाली व्यवस्था पर लोगों को भरोसा जगा है। जब भी किसी को तकलीफ होती है तो वह कोर्ट की तरफ नजर उठा कर देखता है। आज हमारी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति है, ताकि जनता का भरोसा न्याय व्यवस्था से नहीं उठे।
वहीं कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति दीपक रौशन का व्यवहार न्यायालय एवं जिला प्रशासन की ओर से पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से न्यायमूर्ति को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पीडीजे मो तौफिकुल हसन ने कहा कि व्यवहार न्यायालय में आधारभूत संरचनाओं के विकास से न्यायालय की कार्यक्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा। मुख्य प्रवेश द्वार एवं लिटिगेंट शेड का निर्माण न्यायालय परिसर में आने वाले आमजनों एवं पक्षकारों के लिए उपयोगी होगा, वहीं पार्किंग शेड से वाहनों के व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
डीसी ऋतुराज ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। आम नागरिकों को समयबद्ध एवं सुगम न्याय उपलब्ध कराने में न्यायालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्यवहार न्यायालय में नई आधारभूत सुविधाओं का शिलान्यास और उद्घाटन न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से न्यायिक संस्थानों को आवश्यक सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो तौफिकुल हसन, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय राजीव आनन्द, डीसी ऋतुराज, एसपी मुकेश कुमार लुनायत, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रथम विशाल श्रीवास्तव, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल एवं सचिव सीताराम सहित रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के समस्त न्यायिक पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित अधिवक्ता संघ के कई सदस्य उपस्थित थेे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश