सोनू मौत कांड पर गरमाया माहौल, कुर्मी महासभा ने की सीबीआई जांच की मांग
देवघर, 29 अगस्त (हि.स.)। सारवां थाना क्षेत्र के दोयम तेलियाडीह गांव निवासी 28 वर्षीय सोनू कुमार राउत की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर मामला लगातार गरमाता जा रहा है। शनिवार को झारखंड कुर्मी महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन के नेतृत्व में मृतक के गांव पहुंचा और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल ने मृतक के पिता अनिल कुमार राउत सहित परिवार के अन्य सदस्यों से घटना की परिस्थितियों की जानकारी ली। महासभा के पदाधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि न्याय की लड़ाई में संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
परिजनों से मुलाकात के बाद जिला अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन ने कहा कि सोनू की मौत के मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच से ही घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।
डॉ रंजन ने कहा कि मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की ओर से हत्या की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस को घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या मृतक के परिवार को न्याय नहीं मिला, तो झारखंड कुर्मी महासभा के बैनर तले व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर समाज के युवाओं में भी आक्रोश है।
महासभा के पदाधिकारियों ने बताया कि रविवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल दुमका पहुंचकर पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार से मुलाकात करेगा। इस दौरान एसपी के समक्ष सोनू की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कराने और घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग रखी जाएगी। महासभा का कहना है कि सोनू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा जांच के माध्यम से होना चाहिए।
बताया गया कि सोनू कुमार राउत पिछले करीब चार महीने से जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवेंद्र कुंवर के नोनीहाट स्थित आवास पर रसोइये के रूप में काम कर रहा था। करीब छह दिन पूर्व उसका शव विधायक आवास से सटे डाक बंगले में फांसी के फंदे से लटका मिला था।
घटना के बाद से ही परिजन और ग्रामीण सोनू की मौत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। परिजनों की ओर से आत्महत्या के बजाय हत्या की आशंका जताई जा रही है और आरोप लगाया जा रहा है कि हत्या के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटकाया गया हो सकता है।
हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और घटना की परिस्थितियों का अंतिम खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। महासभा ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन के अलावा तरुण कुमार राउत, दिलीप कुमार राउत, मंगल प्रसाद राउत, मगन राव, डहुआ पंचायत के मुखिया दिवाकर पासवान सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy