झारखंड में अंशकालिक शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी, मानदेय व सेवा विस्तार को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप
रांची, 06 मई (हि.स.)। झारखंड के कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित आवासीय विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। शिक्षक अपनी विभिन्न मांगों, खासकर मानदेय भुगतान और सेवा सुरक्षा को लेकर एक मई से लोक भवन के समक्ष शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
बुधवार को धरना स्थल पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने पहुंचकर शिक्षकों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले दस वर्षों से सेवा दे रहे अंशकालिक शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इन शिक्षकों की मेहनत और समर्पण का ही परिणाम है कि आवासीय विद्यालयों के परीक्षा परिणाम लगातार बेहतर रहे हैं, कई बार शत-प्रतिशत तक।
महतो ने आरोप लगाया कि एक दशक बीत जाने के बावजूद शिक्षकों के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शोषणकारी स्थिति को दर्शाता है।
धरना पर बैठे शिक्षकों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने दिवाकालीन पहाड़िया आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर अंशकालिक शिक्षकों के लिए एकमुश्त मानदेय तय करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद विभाग और सरकार ने अब तक इस आदेश को लागू नहीं किया है।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि उनका सेवा विस्तार 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है, जिससे सैकड़ों शिक्षकों के सामने रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
संघ के महासचिव प्रोफेसर शशोधर महतो ने बताया कि उनकी मांगों का ज्ञापन संबंधित विभागीय मंत्रालय को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में प्रोफेसर शशोधर महतो, संदीप कुमार महतो, प्रतिमा कुजूर, पंकज कुमार, प्रदीप नाग, संदीप सिंह, अभिषेक नायक, नीरज कुमार, नमिता कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हैं।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar