चैतन्य देवियों की झांकी से आध्यात्मिक जागृति का संदेश

 


दुमका, 17 अक्टूबर (हि.स.)। नवरात्र के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से गांधी मैदान में आयोजित चैतन्य देवियों की झांकी श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण एवं प्रेरणा का माध्यम है जो महासप्तमी से विजयादशमी तक संचालित रहेगी । देवी स्वरूपों के माध्यम से लोगों को आत्मिक शक्ति, पवित्रता, शांति और सद्भाव का संदेश दिया जा रहा है।

पंडाल का उद्घाटन संस्था संचालिका राजयोगिनी बी के जयमाला के नेतृत्व में पूर्व मंत्री एवं जामा विधान सभा की विधायक डॉ लुईस मरांडी,नगर पर्षद पूर्व अध्यक्ष डॉ अमिता रक्षित, पत्रकार राजीव रंजन, सिविल सोसाइटी अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा एवं सचिव संदीप कुमार जय बमबम के द्वारा किया गया।

महासप्तमी के अवसर पर देवी उपासना का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए यह संदेश दिया गया कि देवी की आराधना तभी सार्थक होती है, जब मनुष्य अपने जीवन में उनके दिव्य गुणों को धारण करे। सच्ची शक्ति बाहरी प्रदर्शन में नहीं, बल्कि मन की शुद्धता, विचारों की श्रेष्ठता और कर्मों की पवित्रता में निहित है।

ब्रह्माकुमारी संस्था का उद्देश्य राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से लोगों को आत्मचिंतन, सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों की ओर प्रेरित करना है। चैतन्य देवियों की झाँकी इसी भावना को साकार करती है।

इस अवसर पर जनमानस से आह्वान किया गया कि वे अपने जीवन में शांति, प्रेम, करुणा और पवित्रता को स्थान दें तथा एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण में सहभागी बनें।

इस अवसर पर राजू अग्रवाल,बीके अंजली,बीके सावित्री,बी के मौसमी,प्रेम केशरी, चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष मुश्ताक़ अली खोखन दा सहित अन्य उपस्थित होकर झांकी प्रस्तुति में सहयोग किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार