बीआईटी मेसरा में अनुसंधान पद्धति पर एसटीटीपी की शुरुआत

 


रांची, 25 मई (हि.स.)।

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से सोमवार को आयोजित पांच दिवसीय अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एसटीटीपी 2026) अनुसंधान पद्धति और बहुविविध विश्लेषण की उन्नत तकनीक का पहला दिन संपन्न हुआ।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बतौर अतिथि डॉ कुमार संजय सावरनी ने आधुनिक शोध और निर्णय प्रक्रिया में बहुविविध डेटा विश्लेषण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आधुनिक शोध पद्धतियों और विश्लेषणात्मक तकनीकों की व्यावहारिक एवं वैचारिक समझ प्रदान करना है।

मौके पर उन्होंने एसपीएसएस और स्मार्टपीएलएस जैसे आधुनिक शोध उपकरणों की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। प्रथम तकनीकी सत्र में डॉ अरविंद हंस ने अनुसंधान पद्धति की आधारभूत अवधारणाएं विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शोध के उद्देश्य, अन्वेषणात्मक और कारणात्मक अनुसंधान सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष प्रो संजय कुमार झा के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम में रांची के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, जिनमें उषा मार्टिन विश्वविद्यालय और बीआईटी लालपुर सहित अन्य संस्थानों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया।

सत्र में मुख्य रूप से डॉ कुमार संजय सावरनी, डॉ सत्राजीत चौधरी, डॉ सैयद अनीस हैदर, डॉ सुजाता प्रियंबदा दास, डॉ प्रशांत कुमार सिंह और प्रांजल कुमार मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar