डीएमएफटी फंड में बिचौलियागिरी पर होगी कडी कार्रवाई : मंत्री
रांची, 25 फ़रवरी (हि.स.)। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि बजट सत्र 2026-27 के दौरान सदन में मुख्यमंत्री और उनकी ओर से की गई घोषणाएं इसी वर्ष धरातल पर उतारी जाएंगी। इसके लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो मुख्यमंत्री, राज्यपाल और वित्त मंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करेगी। मंत्री बुधवार को सदन में बजट अभिभाषण पर
हुई चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बजट में सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। मंत्री ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लाई गई है। राज्य आगे बढ़ेगा तो हम सब आगे बढ़ेंगे। पक्ष और विपक्ष दोनों की प्रशंसा होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकारी यदि नहीं चाहेंगे तो सफलता एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती है। विकास को लेकर एक जुनून पैदा करना होगा। उन्होंने कहा कि वे राजनीति के अंतिम पड़ाव पर हैं ऐसे में क्या छलावा, क्या बाजीगरी और क्या धोखेबाजी की जा सकती है। इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि हम सभी की चिंता यह होनी चाहिए कि राज्य का सर्वांगीण विकास कैसे हो। यदि जनता के साथ थोड़ा भी छलावा करेंगे तो अगली बार जनता मौका नहीं देगी। संसदीय व्यवस्था में पक्ष और विपक्ष के साथ राज्य की जनता भी होती है। इस बजट की सराहना व्यापार जगत, किसानों, महिलाओं, शिक्षाविदों, छात्रों और मजदूरों ने भी की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और अनुदान में कटौती की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं है, इसलिए केंद्र सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 से अब तक 8 लाख 56 हजार 404 करोड़ रुपये की स्वीकृति इसी सदन ने दी है। पहली बार इस बजट में स्थापना मद की राशि बढ़ाई गई है, ताकि मानव संसाधन की कमी न हो। अब तक राज्य सरकार की ओर से 38 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है।
वित्त मंत्री ने ऑडिट में पाई गई 10 हजार करोड़ रुपये की गड़बड़ी पर कहा कि यह पैसा झारखंड की जनता का है। यदि डीएमएफटी फंड में बिचौलियागिरी हुई होगी तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक पूंजी निवेश नहीं होगा, तब तक संसाधनों के दम पर राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। मुख्यमंत्री के विदेश दौरे का परिणाम दो वर्षों के भीतर दिखाई देगा और अधिक से अधिक पूंजी निवेश आएगा।
इसके बाद सदन की कार्यवाही स्पीकर रबींद्र नाथ महताे ने गुरुवार की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar