रांची में एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान बवाल, पथराव और लाठीचार्ज

 


-सैटेलाइट चौक के पास झड़प में पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल, छह से अधिक हिरासत में

रांची, 16 सितंबर (हि.स.)। राजधानी रांची के सैटेलाइट चौक के पास एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान बुधवार को जमकर बवाल हुआ। कार्रवाई का विरोध कर रहे बस्तीवासियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से छह से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को देखते हुए सुबह से ही मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम बस्तीवासियों को समझाकर कार्रवाई में सहयोग करने की अपील कर रही थी। इसी दौरान कई लोग जेसीबी के सामने बैठकर विरोध करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी जेसीबी पर भी चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू हो गया।

हटिया के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नीरज ने बताया कि अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला किया गया। भीड़ की ओर से किए गए पथराव में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। उन्होंने बताया कि मामले में छह से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पथराव तथा पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में बस्तीवासी मौके पर जुट गए थे। लोगों ने जेसीबी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उसके सामने बैठकर विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग जेसीबी पर चढ़ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते स्थिति झड़प में बदल गई।

पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से शांत रहने तथा कार्रवाई में बाधा नहीं डालने की अपील की गई। लेकिन प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।

वहीं, बस्तीवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं। अचानक घरों को तोड़े जाने से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने से पहले वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने की मांग की है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि बस्ती में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं। यदि घर तोड़े जाते हैं तो उनके सामने रहने की गंभीर समस्या पैदा होगी। लोगों ने सवाल उठाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाए जाने के बाद वे कहां जाएंगे।

कुछ बस्तीवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से पहले बस्ती नहीं तोड़े जाने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दोबारा जेसीबी लाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसी के विरोध में लोगों ने सभी जेसीबी को घेर लिया और कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, मशीनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

बस्तीवासियों ने एचईसी की जमीन पर लंबे समय से रह रहे परिवारों के पुनर्वास की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सरकार को पहले स्थायी या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए और इसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि कार्रवाई जिला प्रशासन के आदेश के तहत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, एचईसी की जमीन पर जो भी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आता है, उसे आदेश के अनुसार हटाया जाएगा।---------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे