प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का हित सुरक्षित : प्रदीप वर्मा
रांची, 23 मार्च (हि.स.)। भाजपा प्रदेश महामंत्री और सांसद डॉ प्रदीप वर्मा ने कहा कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पश्चिम एशिया युद्ध संकट की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि भारत सदैव शांति और बातचीत का पक्षधर रहा है और इसी माध्यम से हर समस्याओं का समाधान भी चाहता है।
सोमवार को डॉ वर्मा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेसवार्ता पर पलटवार करते हुए बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज के संकट के दौर में में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ाई है लेकिन भारत मजबूती के साथ खड़ा है और प्रधानमंत्री ने हर प्रकार के कोशिशों को आज सदन में वक्तव्य के माध्यम से बताया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के सभी राष्ट्र प्रमुखों से दो बार बात की है, हरमूज मार्ग बाधित नहीं हो इसकी बात भी संबंधित देशों के समक्ष मजबूती से रखी है,जिसके सकारात्मक परिणाम भी निकल कर आए हैं। हरमूज मार्ग से भारत के जहाज आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कभी भी अपने 140 करोड़ जनता के हित को दांव पर नहीं लगाया। देश की जनता इस बात को पूरी तरह जानती है।
उन्होंने कहा कि आज भारत अपने पेट्रोल,गैस के श्रोत का वैकल्पिक समाधान सुनिश्चित कर रहा। देश के आंतरिक संसाधन बढ़ाए जा रहे वही दूसरे देशों से भी आयात सुनिश्चित किए जा रहे।27 की जगह अब 41 देशों से भारत अपने जरूरी ऊर्जा आयात बढ़ा रहा है। कच्चे तेल के प्रयाप्त भंडार हैं।
उन्होंने कहा कि देश में एक समूह जनता को भ्रमित करने में सक्रिय है। उससे सावधान रहने की जरुरत है। कोरोना काल में भी कांग्रेस झामुमो ने लगातार भ्रम फैलाए थे। टीका को लेकर सवाल उठाए थे लेकिन प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम था कि उनके नेतृत्व में जनता के सहयोग से भारत विजई हुआ। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जो परमाणु परीक्षण पर सवाल खड़ा करते है,सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़ा करते हैं।सेना से सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि झामुमो अपनी जिम्मेवारी समझे।जिसके लिए जनता ने जनादेश दिया है उसे पूरा करने में ध्यान दे।लेकिन लगता है कांग्रेस झामुमो को अपने वादों को पूरा करने की चिंता नहीं है। इंडी गठबंधन केवल जनता को दिग्भ्रमित कर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के जान माल की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। युद्ध के दौरान 3लाख 75 हजार भारतीय देश सुरक्षित लौटे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे