डीजीपी की बैठक के नौ घंटे बाद फायरिंग, बाबूलाल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
रांची, 03 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की समीक्षा बैठक के कुछ ही घंटे बाद हुई गोलीबारी की घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि डीजीपी की उच्चस्तरीय बैठक में अपराध नियंत्रण और पुलिस की मुस्तैदी पर चर्चा हुई, लेकिन बैठक के महज नौ घंटे बाद सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में एक युवक पर रंगदारी के लिए चार-पांच राउंड फायरिंग कर दी गई।
मरांडी ने दावा किया कि युवक फोन पर बात कर रहा था, तभी बदमाश वहां पहुंचे, गोली चलाई और फरार हो गए। उन्होंने कहा कि घटना से यह सवाल उठता है कि पुलिस की बैठकों और अपराधियों के दुस्साहस के बीच जमीन पर कितना अंतर है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि जमशेदपुर जैसे शहर में डीजीपी की समीक्षा बैठक के कुछ घंटे बाद ही अगर खुलेआम गोलीबारी होती है तो आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर भरोसा कैसे कायम होगा। उन्होंने डीजीपी की कार्यशैली और पुलिस व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की।
मरांडी ने आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है और व्यवस्था रिमोट कंट्रोल से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की बैठकें और बयान तभी सार्थक होंगे, जब उनका असर जमीन पर दिखाई दे। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और ठोस कार्रवाई चाहती है। अपराधियों में कानून का भय और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम होना चाहिए।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे