प्रिंस खान के जरिये विदेश से जारी वीडियो राज्य की कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न : बाबूलाल
रांची, 07 मई (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान की ओर से विदेश से जारी वीडियो को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
मरांडी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स में लिखा है कि झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति सामने आई है, जहां कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था स्वयं गंभीर सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है।
धनबाद क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी ने कथित रूप से विदेश से जारी वीडियो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया गठजोड़ को लेकर कई गंभीर आरोपों को सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है। यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवालिया लहजे में पूछा है कि क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा है कि वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। गरीब और कमजोर लोगों को निशाना बनाकर उनकी जमीनों पर कब्ज़ा कराने का प्रयास, माइनिंग माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गठजोड़ की आशंका, वर्दी और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल भय और दबाव बनाने के आरोप एसएसपी पर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन आरोपों में तनिक भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गहरा संकट है।
मरांडी ने आगे लिखा है कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हों, उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों सौंपी जा रही हैं। इससे जनता के बीच यह संदेश जाता है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
मरांडी ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए हमने संयम बरता है। समाज में भय और अराजकता का माहौल न बने, इसलिए वे वीडियो का केवल संपादित अंश ही सार्वजनिक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सोशल मीडिया पर वायरल ये पूरा वीडियो मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध करा देंगे ताकि मुख्यमंत्री ये न कह सकें कि उनको इस मामले की जानकारी ही नहीं थी या फिर उनके मातहत काम करने वाले लोगों ने इसके बारे में उन्हें जानकारी ही नहीं दी।
मरांडी ने संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, माइनिंग माफिया, भूमि कब्ज़ा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
मरांडी ने कहा कि झारखंड की जनता यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र में सत्ता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाए रखना है। अब निर्णय सरकार के हाथ में है न्याय और पारदर्शिता का रास्ता चुना जाएगा या फिर आरोपों और अविश्वास के इस माहौल को और गहरा होने दिया जाएगा। मरांडी की ओर से इस पोस्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री कार्यालय, ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स को भी टैग किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे