भाजपा का बयान हताशा का परिचायक : विनोद
रांची, 24 अगस्त (हि.स.)।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्षी आवाजों को लेकर झारखंड सरकार को नसीहत देने से पहले अपने शासन वाले राज्यों का हिसाब दे।
उन्होंने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा के बयान को हताशा का परिचायक बताया।
विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार की तुलना इतिहास की गंभीर त्रासदियों से करना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है, लेकिन कोई अधिकार कानून से ऊपर नहीं है। प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताना भ्रामक है।
जेपीएससी मामले पर उन्होंने कहा कि न्यायालय में सरकार की ओर से कौन अधिवक्ता किस स्तर पर पैरवी करेगा, यह विधिक प्रक्रिया का विषय है। भाजपा के पास ठोस तथ्य या दस्तावेज हैं तो उसे सक्षम न्यायालय में रखना चाहिए, प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाकर भ्रम नहीं फैलाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा पहले अपने शासन वाले राज्यों में छात्रों, किसानों और विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार का जवाब दे।
साथ ही महाराष्ट्र में कथित भाषा संबंधी नियमों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि रोजगार के लिए भाषा को डर और दंड का औजार नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या अब हर राज्य में रोजगार के लिए स्थानीय भाषा की परीक्षा होगी। पांडेय ने कहा कि भाजपा को विकास, अधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर तथ्यपूर्ण राजनीति करनी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar