झारखंडी भाषाओं के संरक्षण के लिए भाजपा ने सरकार से की ठोस पहल की मांग
रांची, 04 नवंबर (हि.स.)। झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए भाजपा ने राज्य सरकार से ठोस पहल की मांग की है। प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि संथाली, मुंडारी, हो, कुड़ुख, खड़िया, नागपुरी, खोरठा, कुरमाली और पंचपरगनिया झारखंड की सांस्कृतिक पहचान हैं। इनके संरक्षण के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा की मांगों पर सरकार गंभीरता दिखाए। उन्होंने सरकार से राज्य में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा अकादमी की स्थापना और प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक मातृभाषा में पढ़ाई की व्यवस्था करने एवं रिक्त शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग की।
अविनेश कुमार ने प्रत्येक भाषा के विकास के लिए अलग बजट, साहित्यकारों और लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई एवं शोध की बेहतर व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने लोकगीतों, लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण पर भी जोर दिया।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों में झारखंडी भाषाओं को स्थान मिलना चाहिए। भाजपा भाषा बचाओ मोर्चा की मांगों का समर्थन करती है। इसलिए सरकार आश्वासन देने के बजाय समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे