जेटीईटी नियमावली से भोजपुरी-मगही हटाने पर अभाविप का विरोध, सरकार पर लगाया विश्वासघात का आरोप

 


रांची, 29 मार्च (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के झारखंड प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीईटी) की नई नियमावली से भोजपुरी और मगही भाषा को हटाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य के साथ घोर विश्वासघात करार दिया।

प्रकाश टूटी ने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह निर्णय भाषाई विभाजन को बढ़ावा देने वाला खतरनाक कदम है, जो राज्य को आंतरिक कलह और सामाजिक फूट की ओर धकेल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह फैसला क्षेत्रीय संतुलन और भाषाई विविधता के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल सहित उत्तरी झारखंड के लाखों लोग भोजपुरी और मगही को अपनी मातृभाषा मानते हैं। ये भाषाएं न केवल दैनिक जीवन, बल्कि संस्कृति और शिक्षा से भी गहराई से जुड़ी हैं। इसके बावजूद सरकार द्वारा इन्हें नजरअंदाज करना यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों के लोगों की उपेक्षा की जा रही है।

टूटी ने इसे केवल भाषाई नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि भोजपुरी और मगही भाषी लाखों छात्र जेटीईटी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। इससे उनकी योग्यता और अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने झारखंड सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य गठन के समय भाषाई विविधता को बढ़ावा देने का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार एक भाषा थोपने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं-जैसे बेरोजगारी, शिक्षा संकट और विकास की कमी को छिपाने के लिए इस तरह के मुद्दों को हवा दे रही है।

अभाविप नेता ने कहा कि भाषा के आधार पर युवाओं में विभाजन की साजिश निंदनीय है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभाविप सभी विद्यार्थियों को समान रूप से देखती है और क्षेत्र, भाषा, जाति या लिंग के आधार पर किसी भी भेदभाव का विरोध करती है।

अंत में उन्होंने सरकार से मांग की कि जेटीईटी की नई नियमावली में भोजपुरी और मगही भाषा को तुरंत शामिल किया जाए तथा राज्य की भाषाई नीति में सभी स्थानीय भाषाओं को समान मान्यता दी जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे