ब्रह्मकुमारी विवि में गणेश चतुर्थी के आध्यात्मिक रहस्यों पर हुई चर्चा

 


रांची, 14 सितंबर (हि.स.)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के हरमू रोड स्थित चौधरी बगान सेवाकेंद्र में सोमवार को गणेश चतुर्थी के आध्यात्मिक रहस्यों पर विशेष चर्चा की गई। केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं के स्वरूप दिव्य गुणों और शक्तियों के प्रतीक हैं। श्रीगणेश की हर शुभ कार्य से पहले पूजा किए जाने के पीछे भी गहरा आध्यात्मिक संदेश निहित है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दर्द, अराजकता, भय और निराशा के बीच आध्यात्मिकता, ध्यान और मूल्य शिक्षा के माध्यम से नकारात्मकता पर विजय पाई जा सकती है। जीवन में सही निर्णय लेने और खुश रहने के लिए व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक पक्ष को मजबूत करने की आवश्यकता है।

ब्रह्माकुमारी निर्मला ने श्रीगणेश के जन्म की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें कई आध्यात्मिक रहस्य निहित हैं। उन्होंने गणेश जी के हाथी के सिर और प्रथम पूज्य होने के वरदान की कथा को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से समझने पर जोर दिया।

ब्रह्माकुमारी निर्मला ने कहा कि संस्था लोगों को यह समझाने का प्रयास करती है कि व्यक्ति स्वयं अपने जीवन का 'विघ्न विनाशक' कैसे बन सकता है। इसके लिए सेवाकेंद्र में निःशुल्क आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग प्रशिक्षण दिया जाता है। यह सेवा प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे और शाम 4 से 6 बजे तक उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि नया युग आध्यात्मिक युग होगा और पवित्रता ही सुख एवं शांति की जननी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar