रिम्स-2 के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध, सीता सोरेन ने मुख्यमंत्री से की पुनर्विचार की मांग

 


रांची, 06 जून (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की नेता और पूर्व विधायक सीता सोरेन ने नगड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित रिम्स-2 अस्पताल के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध किया है। उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों और ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की।

मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में सीता सोरेन ने कहा कि नगड़ी क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि हजारों आदिवासी और मूलवासी किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है और भूमि अधिग्रहण की स्थिति में किसानों के सामने आर्थिक एवं सामाजिक संकट उत्पन्न हो सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य में पहले भी विभिन्न विकास परियोजनाओं और अधोसंरचना कार्यों के कारण अनेक किसान अपनी जमीन गंवा चुके हैं। ऐसे में शेष बची उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण स्थानीय किसानों के अस्तित्व और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

सीता सोरेन ने पत्र में मुख्यमंत्री से नगड़ी मौजा में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का अनुरोध किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि रिम्स-2 जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान के निर्माण के लिए रांची और आसपास उपलब्ध बंजर अथवा गैर-कृषि योग्य सरकारी भूमि का चयन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार यदि वैकल्पिक भूमि का चयन करती है तो एक ओर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य भी पूरा होगा और दूसरी ओर किसानों की उपजाऊ जमीन तथा उनकी आजीविका भी सुरक्षित रह सकेगी।

पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं और जनहित के कार्यों का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही किसानों, आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों तथा आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि नगड़ी क्षेत्र में रिम्स-2 अस्पताल निर्माण की योजना को लेकर भूमि अधिग्रहण का मुद्दा चर्चा में है। इसी संदर्भ में सीता सोरेन ने किसानों की चिंताओं को सामने रखते हुए सरकार से इस मामले में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे