30 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, मतदाताओं से भरवाएंगे इन्यूमरेशन फॉर्म: के. रवि कुमार

 


रांची, 27 जून (हि.स.)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई तक गणना (इन्यूमरेशन) चरण चलाया जाएगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए गणना फार्म (इन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराएंगे और उनके वर्तमान रंगीन फोटो तथा हस्ताक्षर सहित फॉर्म एकत्र करेंगे। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं हैं अथवा भारतीय नागरिकता त्याग चुके हैं, वे इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर या जानकारी भरने के बजाय उसे तत्काल बीएलओ को वापस कर दें। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत जानकारी देकर घोषणा-पत्र जमा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है।

निर्वाचन सदन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में के. रवि कुमार ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विशेष गहन पुनरीक्षण की विभिन्न चरणों की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति (पीपीटी) के माध्यम से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने नागरिकता संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 तथा उसके संशोधनों के अनुसार जन्म तिथि के आधार पर नागरिकता निर्धारण के तीन प्रमुख मानदंड लागू होते हैं।

उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर 'बर्थ राइट रूल' लागू होता है और वह भारतीय नागरिक माना जाता है। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वालों के लिए दोनों माता-पिता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है, अथवा एक अभिभावक भारतीय नागरिक हो तथा दूसरा विदेशी अभिभावक वैध पासपोर्ट एवं वीजा के साथ भारत में रह रहा हो और अवैध प्रवासी न हो।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म निर्धारित अवधि में प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट) में शामिल किए जाएंगे। यदि ड्राफ्ट सूची में मतदाता की मैपिंग सही पाई जाती है तो उसे अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता फॉर्म जमा करते समय पूर्व के एसआईआर रिकॉर्ड से अपनी मैपिंग भी करवा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि फॉर्म संग्रहण के दौरान अनुपस्थित (एब्सेंट), स्थानांतरित (शिफ्टेड), मृत (डेथ), डुप्लीकेट तथा हस्ताक्षर से इनकार करने वाले (रिफ्यूज टू साइन) मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी। इस सूची का मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा और इसे ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

के. रवि कुमार ने बताया कि नए मतदाताओं को बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 तथा घोषणा-पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा। मतदाताओं द्वारा भरे गए फॉर्म-6 का ऑनलाइन अद्यतन नोटिस एवं सत्यापन अवधि के दौरान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घोषणा-पत्र के साथ निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज की प्रति भी जमा करनी होगी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रमंडलीय आयुक्तों को बीएलए-2 की भूमिका, नागरिकता सत्यापन, बीएलओ ऐप, मतदाता मैपिंग, इन्यूमरेशन फॉर्म तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रमंडलीय आयुक्त अपने-अपने प्रमंडल में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का कम से कम तीन बार निरीक्षण करें और भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित सभी प्रमंडलीय आयुक्त ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे