मतदाता सूची पुनरीक्षण केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए, गलत घोषणा दंडनीय अपराध : के. रवि कुमार
लोहरदगा, 14 जुलाई (हि.स.)। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। किसी भी गैर-भारतीय नागरिक को इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि गलत घोषणा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत दंडनीय अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी गैर-भारतीय को इन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त होता है तो वह उसे बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए उचित कारण बताते हुए संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को वापस कर दे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को लोहरदगा के विभिन्न मतदान केंद्रों पर आयोजित बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बीएलओ, बीएलए-2 और चुनाव पाठशाला के सदस्यों से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त की और बीएलओ को उनके कार्यों के लिए प्रोत्साहित भी किया।
उन्होंने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों की अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और हटाए गए (एएसडीडी) सूची पढ़कर सुनाते हैं।
के. रवि कुमार ने बताया कि 22 जुलाई को बीएलओ एवं बीएलए-2 की तीसरी और अंतिम बैठक आयोजित होगी, जिसकी कार्यवाही और फोटो बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड की जाएगी। इसी बैठक में एएसडीडी सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद पांच अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशन के साथ एएसडीडी सूची भी प्रकाशित की जाएगी।
के. रवि कुमार ने निर्देश दिया कि वर्तमान मतदाता सूची में शामिल किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम प्रारूप मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 से एएसडीडी सूची तैयार करते समय पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कोई भी गैर-भारतीय नागरिक, चाहे वह भारत में कानूनी रूप से रह रहा हो या अवैध रूप से, मतदाता सूची में शामिल होने का पात्र नहीं है। ऐसे व्यक्ति को इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति झूठी घोषणा करते हुए फॉर्म पर हस्ताक्षर करता है, तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लोहरदगा दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदान केंद्र संख्या 259, 260, 261, 272, 273 और 274 पर आयोजित बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठकों और चुनाव पाठशालाओं का निरीक्षण भी किया तथा वहां चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया का जायजा लिया।
इस अवसर पर उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार मीणा, आईटीडीए की निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी अमित कुमार, अतिरिक्त एईआरओ मुक्ति किंडो, संबंधित बूथों के बीएलओ, बीएलए-2, बीएलओ सुपरवाइजर, वालंटियर तथा स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे