एसआईआर: मतदाताओं को सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं

 


बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज करेंगे संकलित

रांची, 01 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सामान्यतः सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। मतदाताओं की सुविधा के लिए नो मैपिंग अथवा तार्किक विसंगतियों के लिए मतदाताओं को प्राप्त नोटिस के आलोक में बीएलओ घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज संकलित करेंगे और उन्हें ईसीआईएनईटी पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ की ओर से उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई के लिए, सुनवाई स्थल पर जाने की आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता स्वयं ईआरओ कार्यालय अथवा नोटिस में निर्धारित सुनवाई स्थल पर उपस्थित होना चाहतें है, तो वहां भी संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहेंगे।

के. रवि कुमार ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कई मतदाताओं द्वारा नोटिस के आलोक में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा चुके हैं। वहीं कुछ ऐसे मतदाता भी हैं, जिनका नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में दर्ज था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भी भरा है, लेकिन किसी कारणवश सुनवाई की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं। ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर विशेष आउटरीच कार्यक्रम एवं कैंप आयोजित किए जाएं तथा उन तक पहुंचकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जाएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा पदाधिकारी इस बात का ध्यान रखे कि यदि किसी मतदाता को पूर्व में सुनवाई के लिए ईआरओ कार्यालय अथवा किसी अन्य निर्धारित स्थल पर उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है और वह स्वयं वहां पहुंचते है, तो संबंधित पदाधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नोटिस प्राप्त किसी मतदाता को सुनवाई के लिए सुनवाई स्थल पर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है, फिर भी ऐसे मतदाता सुनवाई स्थल पर आते हैं, तो ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए कि कोई मतदाता सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर पहुंचे और वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न हों।

उन्होंने पीवीटीजी , दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता, श्रमिक, गरीब, बेघर तथा वैसे मतदाताओं, जिनके माता-पिता से संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं हैं, पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। आवश्यकतानुसार विशेष कैंप एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर ऐसे मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।

कुमार ने कहा कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों का परीक्षण करते हुए ठोस, स्पष्ट एवं कारणयुक्त आर्डर पारित किया जाए। एसआईआर-2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

उन्होंने सभी मतदाताओं, बीएलओ, बीएलए तथा एसआईआर कार्य से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग की अपील की। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा संशय की स्थिति में मतदाता टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।

--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे