श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में अजा एकादशी पर विशेष पूजा-अर्चना
रांची, 07 सितंबर (हि.स.)। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी के अवसर पर पहाड़ी मंदिर के समीप स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में सोमवार को विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं व्रतोत्सव का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और दिनभर जयकारों तथा मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान श्रीवेंकटेश्वर के विश्वरूप दर्शन, सुप्रभातम्, मंगलाशासनम्, करावलंबम् और वेंकटेश प्रपत्ति से हुई। इसके बाद पाञ्चरात्र आगम विधि के अनुसार भगवान का आवाहन कर षोडशोपचार पूजा संपन्न की गई। पूजा के दौरान आसन, अर्घ्य, पाद्य, मधुपर्क, आचमनीय, स्नान, वस्त्र, विलेपन, यज्ञोपवीत और अलंकार सहित विभिन्न विधियां पूरी की गईं।
इसके बाद भगवान वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध, वराह, नृसिंह, माधव और त्रिविक्रम का विभिन्न दिशाओं में न्यास किया गया। भगवान के आयुधों और आवरणों के साथ दिक्पाल देवताओं का भी विधिवत पूजन किया गया।
पूजा के क्रम में भगवान वेंकटेश्वर को गंध, पुष्प, तुलसीदल, कुंकुम और गंगाजल सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई। इसके बाद नक्षत्र, कुंभ और कपूर की बाती से महाआरती की गई तथा फलाहारी व्यंजनों का बालभोग भगवान को निवेदित किया गया। श्रुति, उपनिषद और देशिक स्तोत्रों के माध्यम से भगवान की स्तुति भी की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, अजा एकादशी पर भगवान जनार्दन और श्रीवेंकटेश्वर की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से भक्त को जन्म-मृत्यु और जरावस्था के बंधन से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और मंगल प्रार्थना की।
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। भक्तों ने क्रमबद्ध तरीके से पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak