भगवान के समक्ष अहंकार का कोई स्थान नहीं : आचार्य मृदुल कृष्ण

 




रामगढ़, 07 अक्टूबर (हि.स.)।

रामगढ़ जिमखाना क्लब रिजॉर्ट में बुधवार को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का पंडाल उस समय भक्ति और उल्लास के सागर में बदल गया, जब कथा व्यास परम श्रद्धेय आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया।

जैसे ही श्रीकृष्ण के प्राकट्य का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाल गोपाल का स्वागत किया और भक्ति संगीत पर जमकर झूमे। इस कथा में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी शामिल हुए।

रामचंद्र रूंगटा की स्मृति में आयोजित सात दिवसीय कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को विशेष रूप से सजाया गया। फूलों, मटकी, बांसुरी और विद्युत सज्जा से सजा कथा पंडाल नंद भवन की तरह नजर आया। बाल कृष्ण की मनोहारी झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

भगवान के जन्म के साथ ही ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगने लगे। भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया गया और बाल गोपाल की आरती की गई।

आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने नरसिंह और वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए धर्म, सत्य, त्याग और समर्पण का संदेश दिया। राजा बलि से तीन पग भूमि मांगने और भगवान के विराट स्वरूप धारण करने का प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने कहा कि भगवान के समक्ष अहंकार का कोई स्थान नहीं है। सच्ची भक्ति समर्पण और सेवा के भाव से पूर्ण होती है।

उन्होंने परिवार में बच्चों को संस्कारवान और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों में राष्ट्रभक्ति, माता-पिता के प्रति सम्मान और सेवा का भाव विकसित किया जाना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को प्रतिदिन एक बार साथ बैठकर भगवान के चरणों में प्रार्थना करनी चाहिए।

कथा के बीच आचार्य श्री के सुमधुर भजनों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। ‘श्याम तेरी बांसुरी बजने लगी सारी-सारी रात’ और ‘राधे-राधे बोलो, चले आएंगे बिहारी’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग—हर उम्र के श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के बाद नंदोत्सव का उल्लास छा गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को कृष्ण जन्म की बधाइयां दीं। पूरे पंडाल में राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजते रहे। अंत में श्रीमद्भागवत भगवान की आरती हुई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

कथा में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद मनीष जायसवाल, विधायक रोशन लाल चौधरी, पूर्व सांसद अजय मारू, ओडिशा के पूर्व विधायक जे लंका, एडीजी प्रिया दुबे सहित कई विशिष्ट लोग शामिल हुए। अतिथियों ने व्यासपीठ को प्रणाम कर आचार्य श्री का अंगवस्त्र से सम्मान किया।

मुख्य यजमान माया रूंगटा, उनके पुत्र अभिषेक, आलोक एवं आशीष रूंगटा ने सपत्नीक एवं परिवार सहित व्यासपीठ का पूजन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश