शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को बनाती है सरल, शांत और सकारात्मक : पंडित प्रदीप मिश्रा
-रांची में शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन आस्था का अद्भुत दृश्य, तेज बारिश के बावजूद डटे रहे श्रद्धालु
रांची, 09 मई (हि.स.)। रांची के सुकुरहुटू स्थित कथा स्थल पर श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारविंद से प्रवाहित श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह और बाबा के प्रति समर्पण अडिग बना रहा। कथा के दौरान अचानक तेज बारिश और आंधी शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धालु अपने स्थान पर डटे रहे और कथा सुनते रहे। श्रद्धालुओं की भावना इतनी प्रबल थी कि जब तक कथावाचक मंच से नहीं उठे, तब तक कोई भी पंडाल छोड़ने को तैयार नहीं हुआ।
स्थिति को देखते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की और कहा कि आज की कथा में जो व्यवधान आया है, उसकी क्षतिपूर्ति अगले दिन की जाएगी। उनके इस आश्वासन के बाद ही श्रद्धालु पंडाल से बाहर निकले। विपरीत मौसम के बीच भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने यह सिद्ध कर दिया कि भगवान शिव के प्रति उनकी भक्ति किसी भी परिस्थिति में कम नहीं होती।
शनिवार की कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान पशुपतिनाथ के महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव स्वयं पशुपतिनाथ रूप में समस्त प्राणियों के रक्षक हैं और जो भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन के कष्ट स्वतः दूर होने लगते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन बिना नागा शिव मंदिर अवश्य जाना चाहिए तथा नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण, पूजा और भजन-कीर्तन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति मनुष्य के जीवन को सरल, शांत और सकारात्मक बनाती है।
पूरे कथा स्थल पर दिनभर “हर हर महादेव” और “शिव नाम” के जयघोष गूंजते रहे। भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। कथा स्थल का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय भावनाओं से सराबोर रहा।
शनिवार के मुख्य यजमान विवेक कुमार और उनकी पत्नी विनीता कुमारी रहे। इसके अलावा रांची के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग कथा में उपस्थित होकर पंडित प्रदीप मिश्रा का आशीर्वाद प्राप्त करते दिखे। आयोजन समिति के अनुसार पांचवें दिन कथा में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे