कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित

 


रामगढ़, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के तत्वावधान में टाटा वेस्ट बोकारो डिवीजन में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में डालसा की ओर से चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुजीत कुमार सिंह और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल मोहन महतो ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के सम्मान और गरिमा को प्रभावित करने वाला गंभीर मुद्दा है। ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

वक्ताओं ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया। उन्होंने महिलाओं को किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न की स्थिति में बिना भय या संकोच के शिकायत दर्ज कराने और उपलब्ध कानूनी सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समानता सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कर्मचारियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देने के साथ-साथ सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि डालसा विभिन्न संस्थानों और आम नागरिकों को कानूनी अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

कार्यक्रम में पारा लीगल वॉलंटियर विमल राम और निरंजन कुमार, टाटा वेस्ट बोकारो की अनामिका सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश