सिकटिया बराज में छोड़े गए सात लाख मछलियों के बच्चे, स्थानीय मछुआरों को मिलेगा रोजगार
देवघर, 03 नवंबर (हि.स.)। जिले के सारठ प्रखंड स्थित सिकटिया बराज में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय मछुआरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मत्स्य विभाग की ओर से सात लाख मछलियों के फिंगर साइज के बच्चे छोड़े गए। इस पहल से बराज में मछली उत्पादन बढ़ने के साथ स्थानीय मछुआरों की आमदनी में वृद्धि होने की उम्मीद है।
इस संबंध में जिला मत्स्य पदाधिकारी रणविजय कुमार ने बताया कि सिकटिया बराज में कुल सात लाख मछलियों के बच्चे डाले गए हैं। इनमें छह लाख रेहू, कतला और मृगल एवं एक लाख ग्रास कार्प के बच्चे शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रास कार्प मछलियों को विशेष रूप से इसलिए छोड़ा गया है, क्योंकि ये पानी में उपलब्ध घास और वनस्पतियों को खाकर तेजी से बढ़ती हैं। इससे मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कहा कि मत्स्य विभाग की इस पहल से स्थानीय मछुआरों को आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी।
सिकटिया बराज में मछलियों के बच्चे जिला मत्स्य पदाधिकारी रणविजय कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी आरएन सहाय, जिला पशुपालन पदाधिकारी धनंजय कुमार, कुकराहा के मुखिया महादेव सिंह, बड़बाद के मुखिया जगन्नाथ रवानी और केलु सिंह सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से छोड़े।
इस अवसर पर बमबम सिंह, संतोष कुमार कापरी, लखन कापरी, रोहित कुमार, त्रिपुरारी कापरी, सिकंदर कापरी, राधेश्याम कापरी, मुकेश कापरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
मत्स्य विभाग की इस पहल से सिकटिया बराज में मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर मछुआरों की आजीविका मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy