विश्व में बढ़ते संघर्षों का मूल कारण है स्वार्थ है : महानंद
रांची, 01 जनवरी (हि.स.)। ब्रह्माकुमारी संस्थान में गुरूवार को नववर्ष का स्वागत गुरुवार को आध्यात्मिक उल्लास के साथ किया गया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य के रूप में उपस्थित उद्योग विभाग के पूर्व महाप्रबंधक महानंंद झा ने कहा कि विश्व में बढ़ते संघर्षों का मूल कारण स्वार्थ है। उन्होंने कहा कि जब तक मानव अपने आंतरिक शांत स्वरूप में स्थित नहीं होगा, तब तक स्थायी शांति संभव नहीं है। रिम्स के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ रोहित झा ने कहा कि नववर्ष का सबसे बड़ा उपहार दूसरों के प्रति शुभ भावनाएं हैं। शुभ भावना में अपार शक्ति होती है।
मारवाड़ी युवा मंच की अध्यक्ष पूजा अग्रवाल ने कहा कि परमात्मा को स्मरण कर किया गया कर्म जीवन में खुशी और सफलता लाता है।
मौके पर पूर्व विधायक डॉ जयप्रकाश गुप्ता, डॉ रानी प्रगति ने कहा कि शुद्ध विचार ही उज्ज्वल भविष्य का आधार हैं।
वहीं केंंद्र संचालिका निर्मला बहन ने आत्मनिरीक्षण, सकारात्मक संकल्प और राजयोग अभ्यास को नववर्ष में जीवन परिवर्तन का मार्ग बताया। कार्यक्रम में साकेत बिहारी, डॉ सुषमा, सुनील कुमार गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar