एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए सचिव अजय सिंह ने की बैठक, दिए निर्देश
रांची, 20 जनवरी (हि.स.)। फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर झारखंड सरकार ने मिशन मोड में एमडीए–2026 अभियान की तैयारियां शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह की अध्यक्षता में नेपाल हाउस में स्टेट टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने 10 फरवरी से शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम को सफल बनाने संबंधित अहम निर्देश दिए। साथ ही अभियान की रणनीति, संभावित चुनौतियों और विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा किया। इसके अलावे उन्होंने मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम पर भी चर्चा किया। बैठक में बताया गया कि फाइलेरिया एक गंभीर परजीवी रोग है, जो मच्छरों से फैलता है।
अजय सिंह ने कहा कि झारखंड में अबतक 57,436 लिम्फोडेमा मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने फाइलेरिया उन्मूलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि एमडीए–2026 के तहत 10 फरवरी से राज्य के 14 जिलों के 87 प्रखंडों के 14,496 गांवों में लगभग 1.75 करोड़ लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पंचायत स्तर तक मिशन स्क्वाड, स्वयंसेवक और कंट्रोल रूम के माध्यम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि दवा वितरण के साथ दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए। इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए। बैठक में मुख्य रूप से अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, उप निदेशक डॉ. लाल माझी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) एवं पीरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar