मैथिली परिषद के संस्कृत दिवस पर संस्कृत भाषा के संरक्षण और उपयोग पर जोर

 


रांची, 29 अगस्त (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में शनिवार को कटहल मोड़ स्थित कोटा टैलेंट अकादमी में संस्कृत दिवस समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गोसाउनिक गीत जय जय भैरवी असुर-भयावनी, पशुपति भामिनी माया से हुआ। समारोह की अध्यक्षता परिषद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ झा ने की, जबकि संचालन महासचिव अजय झा ने किया।

कोषाध्यक्ष बिलट पोद्दार ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के संस्थापक डॉ धनाका ठाकुर को पाग और दोपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।

परिषद की रांची इकाई के उपाध्यक्ष राजकुमार पोद्दार और संयुक्त सचिव यतीन्द्र लाल दास ने स्वागत गान प्रस्तुत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए वरीय सदस्य अधिवक्ता गौरी शरण झा, प्रभास मिश्र, डॉ अशोक झा और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक बीएन मिश्र ने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ धनाका ठाकुर ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने संस्कृत के संरक्षण और दैनिक जीवन में इसके उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के प्रति नई पीढ़ी में रुचि पैदा करने की आवश्यकता है।

मौके पर अधिवक्ता छबि झा, समीर कुमार झा, सनत कुमार झा, मानानंद ठाकुर, गोविन्द कुमार झा, विवेक कुमार पाठक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar