केंद्र पर आरोप लगाने से पूर्व अपनी अवैध खनन पर जवाब दे राज्य सरकार : सेठ
रांची, 24 अगस्त (हि.स.)।
झारखंड में एमएमआरडी को लेकर केंद्र और राज्य के बीच जारी खींचतान के बीच रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कोयले पर लगाए जा रहे राज्य स्तरीय करों, सेस और शुल्क एवं अवैध खनन को लेकर सरकार से जवाब मांगा। सेठ ने सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि केंद्र पर आरोप लगाने से पहले राज्य सरकार को अपनी टैक्स व्यवस्था और अवैध खनन पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड में कोयले का मूल मूल्य करीब 1,221 रुपये प्रति टन है, लेकिन विभिन्न राज्य करों और शुल्कों के कारण बिक्री कीमत करीब 2,458.78 रुपये प्रति टन पहुंच जाती है। इसके मुकाबले पश्चिम बंगाल में कीमत करीब 1,741.22 और ओडिशा में 1,708.48 रुपये प्रति टन बताई गई।
सेठ ने कहा कि इससे झारखंड का कोयला पड़ोसी राज्यों की तुलना में करीब 700-750 रुपये प्रति टन महंगा पड़ रहा है।
रक्षा राज्य मंत्री ने मैनेजमेंट फीस, मिनरल सेस, रॉयल्टी आधारित शुल्क, फॉरेस्ट ट्रांजिट फीस, कंपोजिट यूजर फीस और बाजार फीस सहित अन्य शुल्कों को कोयले की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित करने वाला बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले अवैध खनन पर रोक लगाए।
साथ ही दावा किया कि मोदी सरकार ने डीएमएफ के माध्यम से झारखंड के खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 19 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने डीएमएफ राशि के उपयोग में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar