साधु बनकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
धनबाद, 01 अगस्त (हि.स.)। धनबाद में साधु का वेश धारण कर लोगों को अंधविश्वास और झांसे में लेकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बरोरा थाना क्षेत्र में बीसीसीएल कर्मी की पत्नी से सोने का लॉकेट ठगने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों के पास से ठगी किया गया सोने का आभूषण, घटना में प्रयुक्त बाइक सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश जारी है और लोगों से अंधविश्वास से बचने की अपील की गई है।
शनिवार को बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि मामला बरोरा थाना क्षेत्र के हरिणा कॉलोनी का है। बीसीसीएल कर्मी अजीत प्रसाद ने 31 जुलाई को थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 जुलाई की सुबह दो युवक साधु के वेश में उनके घर पहुंचे, जबकि उनका एक साथी बाहर रेकी कर रहा था। साधुओं ने उनकी पत्नी को बीमारी और परेशानियों से मुक्ति दिलाने का झांसा देकर बातों में उलझाया और करीब तीन ग्राम वजन का सोने का लॉकेट लेकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहार के रोहतास निवासी सतेंद्र राठौर, सुमन कुमार और इंदल राठौर के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने इनके पास से ठगी किया गया सोने का लॉकेट और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है।
बाघमारा एसडीपीओ अजित कुमार विमल ने बताया कि साधु का वेश बनाकर ठगी करने वाले इस गिरोह की शिकायतें लगातार विभिन्न थाना क्षेत्रों से मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य बंजारा बनकर अलग-अलग इलाकों में रहकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही ऐसे संदिग्ध डेरों को हटाने की भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अजनबी या साधु के बहकावे में आकर अपने कीमती आभूषण या सामान न सौंपें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार झा