रांची सदर अस्पताल बनेगा टेली एसएनसीयू और ई-संजीवनी हब, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
रांची, 10 जून (हि.स.)। झारखंड में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रांची सदर अस्पताल को टेली एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) हब तथा ई-संजीवनी हब सेंटर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को जारी निर्देश में अजय कुमार सिंह ने कहा कि इस पहल से राज्य में नवजात शिशु चिकित्सा सेवाओं, टेलीमेडिसिन और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही जिला एवं प्रखंड स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।
उन्होंने रांची के सिविल सर्जन को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। विभाग का मानना है कि सदर अस्पताल में पहले से संचालित टेली रेडियोलॉजी और टेली आईसीयू सेवाओं के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को और बेहतर बनाएगी।
प्रस्तावित टेली एसएनसीयू हब के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिला अस्पतालों में संचालित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों (एसएनसीयू) को रांची सदर अस्पताल से जोड़ा जाएगा। इससे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं की निगरानी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन की जा सकेगी तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श समय पर उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे दूरदराज के जिलों में नवजात शिशुओं के उपचार की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।
वहीं, ई-संजीवनी हब के माध्यम से ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के मरीज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सलाह के लिए बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी तथा समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के इस विस्तार से राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar