लंबे समय से भुगतान नहीं होने से मजदूरों में निराशा : मंत्री

 


रांची, 18 अप्रैल (हि.स.)। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह विकसित भारत जी राम जी योजना और मनरेगा को लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) में शनिवार को शामिल हुईं।

बैठक में देशभर के राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने मनरेगा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखा। इस अवसर पर झारखंड का पक्ष रखते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राज्य में लंबित भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि झारखंड में मैटेरियल मद के लगभग 950 करोड़ रुपये, मजदूरी मद के 300 करोड़ रुपये और प्रशासनिक मद के 36 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनका जल्द भुगतान जरूरी है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरों में निराशा बढ़ रही है। मंत्री ने मनरेगा मजदूरी दर में वृद्धि की भी मांग की और कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच वर्तमान मजदूरी दर पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मांग पर अधिकांश राज्य सहमत हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।

इसके अलावा, विकसित भारत जी राम जी योजना में राज्यों की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह झारखंड जैसे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा ने मनरेगा को जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया है।

मंत्री ने 100 दिनों के बजाय 150 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने और 60 दिनों के अवकाश प्रावधान में छूट देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से मजदूरों के पलायन की समस्या बढ़ सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar