रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के संघर्ष की एक गाथा का अंत : सूरज मंडल
रांची, 09 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ सूरज मंडल ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उन्होंने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रूपी सोरेन के निधन से न सिर्फ झारखंड राज्य के गठन के संघर्ष, बल्कि यहां के लोगों की संघर्ष गाथा के एक महत्वपूर्ण अध्याय का भी अंत हो गया है। उनका जीवट जीवन हमेशा लोगों को प्रेरित करता रहेगा।
डॉ मंडल ने कहा कि रूपी सोरेन ने जीवन में अपनी प्रत्येक भूमिका को पूरी जिम्मेदारी और कुशलता से निभाया। झारखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों को दिए गए उनके सहयोग को हमेशा याद रखा जाएगा। रूपी सोरेन ने लाखों झारखंडवासियों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनका योगदान और संघर्षशील जीवन सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन हर परिस्थिति में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की ताकत बनकर उनके साथ खड़ी रहीं। इसके साथ ही उन्होंने पारिवारिक दायित्वों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। उनका जीवन महिलाओं की क्षमता, साहस और सशक्तता का प्रेरक उदाहरण है।
डॉ सूरज मंडल ने कहा कि रूपी सोरेन का व्यक्तित्व प्रभावशाली होने के साथ-साथ आत्मीयता और संवेदनशीलता से भरा था। उनमें झारखंड की मिट्टी से जुड़ी एक साधारण ग्रामीण महिला की सहज छवि दिखाई देती थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar