संघ मनाएगा संत रविदास की 650वीं जयंती, सामाजिक समरसता पर रहेगा जोर

 




रांची, 17 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने संत शिरोमणि संत रविदास की 650वीं जयंती को देशभर में व्यापक स्तर पर मनाने की घोषणा की है। यह जानकारी संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार ने रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

उन्होंने बताया कि संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के समालखा में आयोजित हुई, जिसमें देशभर के 46 प्रांतों से 1438 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें झारखंड से 31 प्रतिनिधि शामिल थे। बैठक में संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित में जनभागीदारी और संघ के शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए भविष्य की व्यापक कार्ययोजना पर विचार किया गया।

सभा में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का संदेश पढ़ा गया, जिसमें वर्तमान समय में बढ़ती विभाजनकारी प्रवृत्तियों के बीच संत रविदास के एकात्मता, समरसता और सामाजिक सौहार्द के विचारों को अपनाने का आह्वान किया गया।

झारखंड में सामाजिक संवाद और विस्तार

संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार ने बताया कि जनवरी में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के झारखंड प्रवास के दौरान सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समुदायों के 600 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा राज्य के 281 खंडों और नगरों में आयोजित बैठकों में करीब 29,680 लोगों की सहभागिता रही।

उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को आयोजित जनजाति संवाद कार्यक्रम में 800 से अधिक जनजातीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें धर्मांतरण, सरना धर्म और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

देशभर में बढ़ता संगठन

संघ के अनुसार, वर्तमान में देश के 55,683 स्थानों पर शाखा, मिलन और मंडली की कुल संख्या बढ़कर 1,34,766 हो गई है। संगठन का विस्तार अब अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।

झारखंड में सक्रियता

झारखंड में 1050 से अधिक स्थानों पर संघ की गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जहां शाखा, मिलन और मंडली की संख्या 1513 है। राज्य के 4 महानगर, 89 नगर और 519 बस्तियों में संगठन सक्रिय है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार हुआ है।

‘पंच परिवर्तन’ पर विशेष ध्यान

संघ के प्रांत कार्यवाह संजय कुमार ने बताया कि संघ सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर ‘पंच परिवर्तन’ अभियान के तहत काम कर रहा है। संघ शताब्दी वर्ष के तहत देशभर में 62,555 स्थानों पर विजयादशमी उत्सव आयोजित किए गए, जिनमें 32 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। वहीं गृह संपर्क अभियान के जरिए 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुंच बनाई गई।

इसके अलावा गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष पर 2,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 7 लाख लोगों की सहभागिता रही। वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ भी उत्साह के साथ मनाई गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम और आगामी योजना

संघ शिक्षा वर्गों के तहत 28 प्राथमिक वर्गों में 870 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जबकि एक सामान्य वर्ग में 247 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। आने वाले समय में 96 प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। झारखंड में 26 मई से जमशेदपुर में संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) आयोजित होगा।

अंत में प्रांत कार्यवाह संजय कुमार ने भारतीय नववर्ष, सरहुल और रामनवमी की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह प्रतिनिधि सभा राष्ट्र और समाज के समग्र विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे