पृथ्वी के संरक्षण में आध्यात्मिक सोच की भूमिका अहम : ब्रह्माकुमारी
रांची, 22 अप्रैल (हि.स.)। ब्रह्माकुमारी संस्थान के स्थानीय सेवा केन्द्र, चौधरी बगान (हरमू रोड) में बुधवार को विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि पृथ्वी संरक्षण में आध्यात्मिक सोच की भूमिका अहम होती है।
विश्व पृथ्वी दिवस का उद्देश्य केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना नहीं, बल्कि पृथ्वी को बचाने के लिए सामूहिक संकल्प लेना भी है। वर्तमान समय में मनुष्य और प्रकृति के बीच संतुलन बिगड़ता जा रहा है, जिसे पुनः स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।
निर्मला बहन ने कहा कि पर्यावरणीय समस्याओं को केवल भौतिक उपायों से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी समझने की जरूरत है। मनुष्य के विचार, भावनाएं और वाइब्रेशन हवा, पानी और मिट्टी को प्रभावित करते हैं। जब मानव चेतना शुद्ध और सकारात्मक होती है, तब प्रकृति भी संतुलित रहती है, जबकि नकारात्मक सोच पर्यावरणीय असंतुलन को बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा कि ध्यान, साइलेंस और आत्मचिंतन के माध्यम से मन को शांत कर सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न की जा सकती है, जिससे पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar