रिम्स में मेटा-एनालिसिस पर कार्यशाला शुरू, चिकित्सक-शोधकर्ता ले रहे प्रशिक्षण
रांची, 25 जुलाई (हि.स.)।
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन) और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने को लेकर शनिवार को मेटा एनालायसीस फॉर रेंडॉमाईज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स (आरसीटी) विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
25 और 26 जुलाई तक चलने वाली कार्यशाला में झारखंड के विभिन्न चिकित्सा और शैक्षणिक संस्थानों के 41 चिकित्सक और शोधकर्ता प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस अवसर पर रिम्स के निदेशक एवं सीईओ प्रो (डॉ) डीके सिन्हा ने कहा कि रिम्स के लेबोरेटरी मेडिसिन विभाग के अंतर्गत टेक्निकल रिसोर्स सेंटर (टीआरसी) और सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड गाइडलाइंस के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को सिस्टेमेटिक रिव्यू, एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन और मेटा-एनालिसिस की आधुनिक कार्यप्रणाली से प्रशिक्षित करना है। पहले दिन विशेषज्ञों ने रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल (आरसीटी) आधारित सिस्टेमेटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस पर व्याख्यान देने के साथ प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी दिया।
कार्यशाला का संचालन टेक्निकल रिसोर्स सेंटर के प्रमुख और लेबोरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ अमित कुमार के नेतृत्व में किया जा रहा है। दूसरे दिन प्रो (डॉ.) कामेश्वर प्रसाद मेटा-एनालिसिस के उन्नत विषयों पर विशेष व्याख्यान देंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध और विश्वसनीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को मजबूती मिलेगी। कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में रिम्स के निदेशक एवं सीईओ प्रो (डॉ) डीके सिन्हा, डीन (अकादमिक) प्रो (डॉ) राजीवा मिश्रा, डीन (रिसर्च) प्रो (डॉ) पीके. भट्टाचार्य और डीन (एग्जामिनेशन) प्रो (डॉ) मनोज कुमार सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar