विधानसभा में उठा आंधी-तूफान से मकान क्षति के मुआवजे का स्लैब बदलने का मुद्दा, केंद्र से पत्राचार करेगी सरकार
रांची, 10 अगस्त (हि.स.)। झारखंड विधानसभा में सोमवार को आंधी-तूफान के कारण मकान गिरने या क्षतिग्रस्त होने वाले लोगों को मिलने वाली सरकारी सहायता का मुद्दा उठाया गया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार से मांग की कि निर्धारित सहायता राशि की सीमा में बदलाव कर वास्तविक नुकसान के आकलन के आधार पर पीड़ितों को मुआवजा देने की व्यवस्था की जाए।
विधायक ने कहा कि राज्य सरकार के प्रावधानों के अनुसार प्राकृतिक आपदा के कारण मकान को आंशिक क्षति होने पर चार हजार, पांच हजार या आठ हजार रुपये तथा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर एक लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि निर्धारित स्लैब के कारण कई मामलों में मकान को हुए वास्तविक नुकसान के अनुपात में पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता है।
डॉ. लुईस मरांडी ने सरकार से पूछा कि क्या निर्धारित मुआवजा नियमों में शिथिलता बरतते हुए मकान को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन कर उसके आधार पर पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सकती है।
इसके जवाब में आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार से पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से आवश्यक राशि की मांग करेगी, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा सके।
मंत्री ने कहा कि सरकार आपदा से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए उपलब्ध प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध करा रही है। विधायक की ओर से उठाए गए मुद्दे के संबंध में केंद्र सरकार से बातचीत कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak