छोटे अस्पतालों को 50 बेड तक क्लिनिकल एक्ट में मिल सकती है छूट
रांची, 16 अप्रैल (हि.स.)। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सरकार छोटे अस्पतालों को राहत दे सकती है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) झारखंड के प्रतिनिधिमंडल की बैठक में इसपर चर्चा हुई।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अजय सिंह ने कहा कि झारखंड के लिए अलग नियमावली तैयार की जाएगी। इसमें इस एक्ट से छूट देने पर विचार किया जाएगा। नियमों को आयुष्मान भारत- मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अनुरूप सरल बनाया जाएगा। बैठक में आईएमए ने 50 बेड तक के अस्पतालों, नर्सिंग होम और एकल क्लीनिक को क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से छूट देने की मांग रखी।
प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में 27 प्रकार की जटिल प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और फायर विभाग से एनओसी, बिल्डिंग मैप स्वीकृति सहित कई औपचारिकताएं शामिल हैं। इसके अलावे बैठक में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत निजी अस्पतालों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठा।
इस पर विभाग ने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया जारी है और 15 दिनों के भीतर भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं ऑटो कैंसिल मामलों को पुनर्जीवित करने और जिला स्तर पर शिकायत निवारण समिति को सक्रिय करने पर सहमति बनी। एचईएम पोर्टल 2.0 में आ रही तकनीकी दिक्कतों पर भी चर्चा हुई, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बिल्डिंग मैप के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रमाणित दस्तावेज को मान्यता देने की बात कही गई।
बैठक में आईएमए प्रतिनिधिमंडल में डॉ विमलेश सिंह, डॉ अजय कुमार सिंह (राज्य समन्वयक), प्रदीप सिंह (सचिव), डॉ शंभू प्रसाद सिंह, डॉ अनुपम सिंह (वीमेंस विंग अध्यक्ष) और डॉ मृत्युंजय शामिल थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar