झारखंड में बाहर से आनेवाले डॉक्टरों को सरकार देगी राहत, प्रस्ताव तैयार
रांची, 07 मई (हि.स.)। झारखंड में बाहर से आकर चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टरों को राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल 2023 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
इस प्रस्ताव को विभाग ने राज्य सरकार को सुझाव भेजने का निर्णय लिया है। यह फैसला गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के नोडल पदाधिकारी छवि रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में छवि रंजन ने कहा कि विभागीय विचार-विमर्श के बाद नियम में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य दूसरे राज्यों से आने वाले योग्य और निबंधित डॉक्टरों को झारखंड में चिकित्सा सेवा में सहूलियत देना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए प्रक्रिया आसान होगी तो राज्य के मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी और उन्नत इलाज का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा।
बैठक में संशाेधन से संबंधित कठिनाइयों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण परेशानी उठानी पड़ती है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होती है।
वर्तमान नियम के अनुसार झारखंड में प्रैक्टिस करने वाले सभी डॉक्टरों के लिए राज्य में अलग से निबंधन अनिवार्य है।
भले ही चिकित्सक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में पहले से निबंधित हों, उन्हें झारखंड में अलग से पंजीकरण कराना पड़ता है। बिना निबंधन के वे राज्य में चिकित्सा सेवा नहीं दे सकते।
बैठक में झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ साहिर पाल, रजिस्ट्रार सह सचिव डॉ विमलेश कुमार सिंह और स्टेट आईएमए झारखंड के प्रतिनिधि डॉ शंभू प्रसाद मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar