रांची एसएसपी ने अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिए कई निर्देश

 




रांची, 23 अगस्त (हि.स.)। राजधानी रांची में मौजूदा परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था को लेकर एसएसपी रांची राकेश रंजन ने रविवार को जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने, अपराध नियंत्रण तथा आगामी त्योहारों के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एसएसपी राकेश रंजन ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। साथ ही रूटीन पुलिसिंग को प्रभावी बनाने, जनशिकायतों के त्वरित समाधान, असामाजिक तत्वों पर निगरानी और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक के दौरान एसएसपी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में रांची में अलग-अलग विधि-व्यवस्था से जुड़े कई मामले सामने आए। इन घटनाओं के कारण पुलिस का ध्यान रूटीन पुलिसिंग से कुछ हद तक प्रभावित हुआ। अब पुलिस को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ अपनी नियमित पुलिसिंग को और मजबूत करने पर विशेष फोकस करना होगा।

बैठक में सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने, नियमित गश्त करने और संभावित विवादों की पहले से पहचान कर आवश्यक प्रिवेंटिव एक्शन लेने को कहा गया।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि विधि-व्यवस्था में किसी भी तरह का खलल डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। एसएसपी ने कहा कि कुछ ऐसे पोस्ट किए जा रहे हैं, जिनका कोई सत्यापन या ठोस आधार नहीं है। ऐसे पोस्ट का उद्देश्य लोगों के बीच पैनिक और प्रतिक्रिया की भावना पैदा करना हो सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।

रांची पुलिस सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर वायरल होने वाले ऐसे पोस्ट की निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भड़काऊ पोस्ट, अफवाह फैलाने वाली सामग्री या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कंटेंट की सत्यता की जांच की जाए और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बैठक में आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। रांची में जनशिकायत समाधान कार्यक्रम को दोबारा प्रभावी तरीके से शुरू करने पर चर्चा हुई। एक बार फिर से बुधवार के दिन जनशिकायत कार्यक्रम का आयोजन शुरू होगा। थाने में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जाए। एसएसपी ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा जनता का विश्वास है और इसे मजबूत करने के लिए पुलिस को लगातार प्रयास करना होगा।

आगामी त्योहारों को लेकर भी पुलिस को अभी से तैयार रहने का निर्देश दिया गया। एसएसपी ने कहा कि गणेश पूजा के साथ त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है।

ऐसे में सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों और संभावित विवाद वाले क्षेत्रों को चिह्नित करें और पहले से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। पूजा समितियों और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बनाकर काम करने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और किसी भी संभावित विवाद को समय रहते रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया।

बैठक के अंत में एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि रांची पुलिस को अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ आम जनता को बेहतर पुलिसिंग उपलब्ध कराने पर भी बराबर ध्यान देना होगा। पुलिस की सक्रियता जमीनी स्तर पर दिखाई देनी चाहिए और किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित होनी चाहिए।

एसएसपी राकेश रंजन ने चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों के मामलों के त्वरित उद्भेदन, अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रभावी कानूनी कार्रवाई पर विशेष जोर दिया। सीईआईआर पोर्टल से बरामद मोबाइल की जांच और सत्यापन के बाद उन्हें वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। थानों के मालखाने में लंबे समय से पड़े जब्त वाहनों और सामान का नियमानुसार जल्द निष्पादन करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि रात की सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी स्वयं पेट्रोलिंग की निगरानी करेंगे और क्यूआर कोड आधारित गश्ती सुनिश्चित करेंगे। एफआइआर दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को थाना-थाना नहीं भटकना पड़े, इसके लिए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया। प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात व्यवस्था मजबूत करने के साथ आईटी एक्ट के मामलों में ई-साक्ष्य और तकनीकी साक्ष्यों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया। भूमि विवाद, सत्यापन, वारंट, कुर्की-जब्ती और न्यायालयीय मामलों के समयबद्ध निष्पादन का भी निर्देश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे