रांची के बेटे ने एआई इंपैक्ट सम्मिट रिस्पांसिबल एआई विमर्श को दी राष्ट्रीय आवाज
रांची, 26 फरवरी (हि.स.) । रांची से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाने वाले मेजर विनीत कुमार फाउंडर ऑफ़ ग्लोबल प्रेसिडेंट साइबर पीस ने इंडिया एआई इंपैक्ट सम्मिट 2026 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।
रांची के रहने वाले मेजर विनीत कुमार ने रिस्पांसिबल एआई ऐट स्केल गवर्नेंस इंटीग्रिटी एंड साइबर रेड लाइंस फॉर चेंजिंग वर्ल्ड विषय पर एक अहम सत्र का संचालन और नेतृत्व किया। साइबर पीस की ओर से आयोजित इस सत्र में सरकार, तकनीकी कंपनियों, शिक्षा जगत और सिविल सोसाइटी से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भाग लिया और इस बात पर चर्चा किया कि भारत अपने एआई इकोसिस्टम को किस तरह जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ा सकता है।
मेजर विनित कुमार ने रांची में गुरुवार को बातचीत में कहा कि एआई केवल तेज़ होती तकनीक का सवाल नहीं है, बल्कि यह इस बात की परीक्षा है कि हम इसे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कितनी समझदारी से अपनाते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि असली चुनौती एआई को तेज़ी से अपनाने की नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित, निष्पक्ष और जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करने की है।
उन्होंने भरोसे, सुरक्षा और जवाबदेही के महत्व पर बात करते हुए कहा कि एआई को लोगों, संस्थानों और लोकतंत्र को मज़बूत करना चाहिए, न कि उन्हें कमजोर करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सिविल सोसाइटी के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत पर बल दिया, ताकि सुरक्षित और समावेशी एआई सिस्टम तैयार किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि इस सत्र के ज़रिए साइबर पीस ने राष्ट्रीय एआई मंच पर एक ज्ञान साझेदार के रूप में अपनी भूमिका को मज़बूती से रखा। चर्चा के दौरान उन्होंने दीप फैक्स, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर हमले और एआई सिस्टम में मौजूद बीएस जैसे मौजूदा और उभरते खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। सभी वक्ताओं ने सत्र के के दौरान इस बात पर सहमति बनी कि एआई सिस्टम में सुरक्षा और ईमानदारी को शुरुआत से ही शामिल किया जाना चाहिए, न कि बाद में जोड़ने की कोशिश की जाए। सत्र में यह भी सामने आया कि एआई के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि लोगों और संस्थानों को भी तैयार करना ज़रूरी है।
उन्होंने बताया कि साइबर जागरूकता, डिजिटल हाइजीन और ऐसे कुशल पेशेवरों को तैयार करना शामिल है जो बड़े पैमाने पर एआई सिस्टम को सुरक्षित तरीके से संभाल सकें। रांची से निकलकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा और रिस्पांसिबल एआई जैसे विषयों पर अपनी पहचान बनाना, इस बात को दर्शाता है कि क्षेत्रीय प्रतिभाएं भी भारत के डिजिटल भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे