अपराधियों पर रामगढ़ पुलिस कसेगा डिजिटल शिकंजा : एसपी

 




रामगढ़, 04 जुलाई (हि.स.)। रामगढ़ पुलिस अब अपराधियों पर डिजिटल तरीके से नजर रखेगी। एक तरीके से रामगढ़ जिले में अपराध करने वाला हर व्यक्ति पुलिस के डिजिटल शिकंजे में होगा। क्योंकि उसकी हर डिजिटल प्रोफाइल और उसकी निगरानी रामगढ़ जिले के अलावा दूसरे राज्यों में भी रहेगी। ऐसे अपराधियों के सूची में अभी तक 1971 लोग शामिल हैं। इस बात की जानकारी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने दी। उन्होंने बताया कि अपराध नियंत्रण और सक्रिय अपराधियों की प्रभावी निगरानी के लिए क्राईम प्रीवेंशन एंड डिटेक्शन विंग बनाया गया है। यह विंग वारदातों के त्वरित उद्भेदन को और अधिक सुदृढ बनाने के उद्देश्य से काम करेगी। यह पूरी तरीके से तकनीक आधारित पहल है, जिसमें 36 सदस्य शामिल किए गए हैं। आरोप पत्रित अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग एवं निगरानी के लिए एक डिजिटल क्रिमिनल मॉनिटरिंग पोर्टल भी विकसित किया गया है।

एसपी ने बताया कि 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक 12 कैटेगरी में चार्जशीटेड 1971 अपराध कर्मियों की सूची बनाई गई है। आर्म्स एक्ट में रामगढ़ जिले के 194 अपराधी, दूसरे जिले के 119 अपराधी और झारखंड से बाहर के 25 अपराधियों का नाम शामिल है। एनडीपीएस एक्ट में रामगढ़ जिले के 51, दूसरे जिले के 17 और झारखंड राज्य के बाहर के 15 अपराधी शामिल हैं।

हत्या मामले में रामगढ़ जिले के 138, दूसरे जिले के 10 और झारखंड राज्य से बाहर के पांच अपराधी शामिल हैं। रंगदारी मामले में रामगढ़ जिले के 50, दूसरे जिले के 39 और दूसरे राज्य के आठ अपराधी शामिल हैं। डकैती मामले में रामगढ़ जिले के 23, दूसरे जिले के 22 और दूसरे राज्य के दो अपराधी शामिल हैं।

लूट मामले में रामगढ़ जिले के 22, दूसरे जिले के 24 और दूसरे राज्य के दो अपराधी शामिल हैं। छिनतई मामले में रामगढ़ जिले के 14, दूसरे जिले के 14 और दूसरे राज्य के छह अपराधी शामिल हैं। चोरी मामले में रामगढ़ जिले के 282, दूसरे जिले के 53 और दूसरे राज्य के 8 अपराधी शामिल हैं। गृह भेदन मामले में रामगढ़ जिले के 91, दूसरे जिले के 13 और दूसरे राज्य के पांच अपराधी शामिल हैं।

वाहन चोरी मामले में रामगढ़ जिले के 101, दूसरे जिले के 99 और दूसरे राज्य के 39 अपराधी शामिल हैं। उत्पाद अधिनियम के तहत रामगढ़ जिले के 153, दूसरे जिले के 26 और दूसरे राज्य के 17 लोगों को शामिल किया गया है। अन्य मामले में रामगढ़ जिले के 255, दूसरे जिले के 22 और दूसरे राज्य के सात अपराधी शामिल हैं। इस तरह रामगढ़ जिले में रहने वाले 1374, दूसरे जिले में रहने वाले 458 और दूसरे राज्य में रहने वाले 139 अपराधियों पर पुलिस की सीधी निगाह रहेगी।

1971 अपराधियों की पूरी प्रोफाइल डिजिटल हो जाएगी। वह जिस जगह के रहने वाले हैं और जिस जगह पर अपराध कर चुके हैं, उसकी पूरी डिटेल पुलिस के पास रहेगी। अपराधी किसी भी जिले में जाएं और कहीं भी छुपें पुलिस की निगाह से बच नहीं सकते हैं।

एसपी ने बताया कि इस विंग में रामगढ़ एसडीपीओ, पतरातु एसडीपीओ, डीएसपी हेडक्वार्टर, जिले के सभी इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी को आवश्यकतानुसार नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। यह विंग एसपी के प्रत्यक्ष निगरानी और निर्देशन में काम करेगा। इसके कार्यों के नियमित समीक्षा भी होगी।

यह टीम चार्जशीटेड अपराधियों का जिस थाने में केस हैं और जिस थाना क्षेत्र का वह अपराधी निवासी है, उसका दोहरा भौतिक सत्यापन करेंगे। इस संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के लिए पुलिस की ओर से विशेष डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है। भौतिक सत्यापन होने के बाद सभी अपराधी के डिजिटल प्रोफाइल लिंक इस पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी। उसका आपराधिक इतिहास, वेरिफिकेशन डिटेल, वर्तमान निवास, अपराध शैली सहित अन्य आवश्यक सूचना उसपर सुरक्षित रहेगी। भविष्य में होने वाले अपराध की घटना के उद्भेदन में अपराधियों की पहचान करने में भी पुलिस को इससे मदद मिलेगी। साथ ही जमानत पर रिहा हुए अपराधियों पर भी नियमित निगरानी रखी जा सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश